साहिल वाकोडे सुसाइड केस में CCTV फुटेज ने खोले राज: परीक्षा हॉल में बिताए 15 मिनट पर टिकी जांच

देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) में बी.टेक सेकेंड ईयर के छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की संदिग्ध आत्महत्या के मामले में एक अहम और सनसनीखेज सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है। घटना के दो दिन बाद सामने आई दोपहर 12:30 से 12:45 बजे के बीच की यह 15 मिनट की फुटेज अब मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच के लिए सबसे केंद्रीय साक्ष्य बन गई है।

एसीपी धर्मवीर बनसोड की अगुवाई में क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम इस फुटेज के हर फ्रेम की बारीकी से पड़ताल कर रही है। क्लासरूम और लॉबी में लगे कैमरों ने परीक्षा खत्म होने से ठीक आधा घंटा पहले का पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड किया है।

परीक्षा हॉल का पूरा वाकया: क्या हुआ था उन 15 मिनटों में?

फुटेज में देखा गया कि दोपहर 12:30 बजे के करीब साहिल वाकोडे अपनी सीट पर थोड़ा झुककर अपनी जेब में रखी किसी चीज (संभावित मोबाइल फोन) की तरफ देख रहा था। जांच रिपोर्टों के मुताबिक, उस पर आरोप था कि वह परीक्षा के सवालों के जवाब खोजने के लिए ‘ChatGPT AI’ प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा था।

इसी दौरान कोर्स इंस्ट्रक्टर और परीक्षा निरीक्षक प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की नजर साहिल पर पड़ी। उन्होंने साहिल के पास जाकर उससे पूछताछ की और फिर उसे अन्य छात्रों से अलग ले जाकर परीक्षा हॉल से बाहर जाने का निर्देश दिया।

दोपहर 1:25 बजे हॉस्टल रूम में आखिरी एंट्री

लॉबी और हॉस्टल परिसर के सीसीटीवी कैमरों को खंगालने पर पता चला कि परीक्षा हॉल से निकलने के बाद साहिल करीब दोपहर 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में दाखिल हुआ। जांच अधिकारियों के अनुसार, कमरे में जाने के बाद वह फिर कभी बाहर नहीं निकला। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर साहिल का शव बरामद हुआ।

मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच, सुसाइड नोट की तलाश जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब पवई पुलिस से पूरी तरह से मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई है। क्राइम ब्रांच की टीम ने साहिल के हॉस्टल रूम की सघन तलाशी ली है और विस्तृत पंचनामा तैयार किया है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “आईआईटी बॉम्बे में पूर्व में हुए एक सुसाइड केस में स्थानीय पुलिस को शुरुआत में सुसाइड नोट नहीं मिला था, जो बाद में एक किताब के पन्नों से बरामद हुआ था। हम इस बार ऐसी कोई भी प्रक्रियात्मक चूक नहीं होने देना चाहते।” हालांकि, शुरुआती तलाशी में कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन पुलिस ने साहिल का मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं।

पिता के आरोप पर प्रोफेसर के खिलाफ BNS और SC/ST एक्ट में केस

साहिल वाकोडे के पिता रवींद्र वाकोडे की तहरीर पर पवई पुलिस ने शुरुआत में ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी, जिसमें प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को नामजद आरोपी बनाया गया है।

पिता ने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर डूला पिछले तीन महीनों से साहिल के साथ जातिगत भेदभाव कर रहे थे और उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। दूसरी ओर, आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रोफेसर ने केवल परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की थी। फिलहाल क्राइम ब्रांच की टीम सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच में जुटी है।

 

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