जबलपुर। मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल बरगी डैम से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। नर्मदा नदी के अथाह बैकवाटर में सैलानियों से भरा एक क्रूज अचानक आए तूफान की भेंट चढ़ गया। देखते ही देखते हंसते-खेलते 30 सैलानियों से भरा क्रूज पानी की लहरों में समा गया। इस भीषण हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अब भी लापता हैं। तट पर चीख-पुकार मची है और एक सर्वाइवर महिला अपने सात परिजनों (जिनमें एक बच्चा भी शामिल है) के लिए बिलखती नजर आई।
कुदरत का कहर: पलक झपकते ही गहरे पानी में समाया क्रूज
हादसा उस वक्त हुआ जब बरगी डैम का क्रूज अपनी नियमित सैर पर था। चश्मदीदों के मुताबिक, क्रूज जब बीच जलधारा में था, तभी अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ ऊंची लहरें उठने लगीं। हवा के प्रचंड दबाव और पानी के थपेड़ों के कारण क्रूज अपना संतुलन खो बैठा। इससे पहले कि चालक कुछ समझ पाता, क्रूज डूबने लगा। स्थानीय नाविकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन के आने से पहले ही करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
सीएम मोहन यादव ने संभाली कमान, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद मोर्चा संभाला है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह और धर्मेंद्र सिंह लोधी को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और SDRF की टीमें युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 29 टिकट जारी किए गए थे, जिनमें से 15 नागरिक सकुशल बचा लिए गए हैं। बाकी लापता लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है।
सुरक्षा मानकों पर सवाल: विशेषज्ञ की राय
इस दुखद घटना ने जल पर्यटन में सुरक्षा प्रोटोकॉल पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। एसजीपीजीआईएमएस (SGPGIMS) लखनऊ के क्लिनिकल हीमैटोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष, जो उत्तर प्रदेश हीमोफीलिया कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी भी हैं, के अनुसार ऐसी दुर्घटनाओं के बाद घायलों को तत्काल ‘ट्रॉमा केयर’ और पानी के फेफड़ों में जाने (Aspiration) से बचाने के लिए गहन चिकित्सा की आवश्यकता होती है। पर्यटन स्थलों पर मौसम की सटीक चेतावनी प्रणाली और लाइफ जैकेट की अनिवार्य उपलब्धता ऐसे हादसों में जान बचा सकती है।
तट पर पसरा मातम: अपनों की तलाश में थमी सांसें
बरगी डैम के किनारे इस समय भारी भीड़ और मातम का माहौल है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। रेस्क्यू की गई एक महिला की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं; उसने रुंधे गले से बताया कि उसके परिवार के सात सदस्य क्रूज पर थे। प्रशासन का कहना है कि उनकी प्राथमिकता अब उन शेष यात्रियों को ढूंढने की है जो अभी भी पानी के नीचे लापता हैं। घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में जारी है।












