कोरोना का कहर : क्या इस महीने के एंड तक देश में हो सकते हैं 6 लाख ऐक्टिव केस !

भारत में कोविड-19 का रीप्रॉडक्‍शन नंबर यानी R, 4 मार्च से लगातार घट रहा था। R दरअसल उन लोगों की संख्‍या का अनुमान है जिन्‍हें कोविड-19 इन्‍फेक्‍टेड शख्‍स ने इन्‍फेक्‍ट किया है। इसे ट्रांसमिशन रेट भी कहते हैं। 4 मार्च को यह 1.83 था यानी एक शख्‍स 1.83 लोगों को इन्‍फेक्‍ट कर रहा था। इसके बाद से यह लगातार नीचे आ रहा था। इंडियन एक्‍सप्रेस ने चेन्‍नई के इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैथमेटिकल साइंसेज (IMS) के हवाले से कहा है कि इसमें पहली बार बढ़त दर्ज की गई है। जुलाई के पहले हफ्ते में ट्रांसमिशन रेट बढ़ा और इस वक्‍त यह 1.19 है यानी एक इन्‍फेक्‍टेड शख्‍स औसतन 1.19 लोगों को इन्फेक्‍ट कर रहा है। अधिकारियों की कोशिश है कि ट्रांसमिशन रेट 1 से कम रहे क्‍योंकि इससे कोविड-19 का कर्व फ्लैट होता है।

अनलॉक होते ही बढ़ा ट्रांसमिशन रेट

मार्च के महीने में यह वायरस औसतन 1.83 लोगों को ट्रांसमिट हो रहा था जबकि वुहान में उस वक्‍त ट्रांसमिशन रेट 2.14 और इटली में 2.73 था। 6 अप्रैल से 11 अप्रैल के बीच, भारत का R गिरकर 1.55 हो गया। आगे यह और घटा और 1.49 हुआ फिर जून की शुरुआत तक 1.2 पर आ गया। 26 जून तक देश में ट्रांसमिशन रेट 1.11 तक पहुंच चुका था। फिर देश में लॉकडाउन खत्‍म हुआ और अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद, 2 जुलाई और 5 जुलाई के बीच ट्रांसमिशन रेट बढ़कर 1.19 हो गया।

दिल्‍ली, हरियाणा के आंकड़ों में आया भारी सुधार

देश की राजधानी में ट्रांसमिशन रेट काफी सुधरा है। 13 जून से 16 जून के बीच दिल्‍ली में R जहां 1.25 था, वहीं अब यह करीब 1 पर आ गया है। हरियाणा से भी ऐसा ही ट्रेंड है। इससे पहले अप्रैल से लेकर मई के बीच तक तमिलनाडु ने भी काफी हद तक कर्व फ्लैट कर लिया था।

दक्षिणी राज्‍यों में बढ़ा है ट्रांसमिशन रेट

ज्‍यों का ट्रांसमिशन रेट देखें तो कर्नाटक में 1.66, तेलंगाना में 1.65 और आंध्र प्रदेश में 1.32 है जो नैशनल एवरेज से ज्‍यादा है। जिन राज्‍यों में पहले कोरोना तेजी से फैल रहा था, वे अब धीमे पड़ गए हैं जैसे गुजरात में R 1.15 और पश्चिम बंगाल में 1.1 है।

जुलाई एंड तक देश में हो सकते हैं 6 लाख ऐक्टिव केस

भारत में इस वक्‍त कोरोना के ऐक्टिव केसेज की संख्‍या 2.69 लाख है। IMS का मॉडल दिखाता है कि जुलाई खत्‍म होते-होते देश में 6 लाख ऐक्टिव केसेज हो सकते हैं। अकेले महाराष्‍ट्र में ही 21 जुलाई तक ऐक्टिव केसेज की संख्‍या डेढ़ लाख के पार जा सकती है जबकि तमिलनाडु में यह आंकड़ा एक लाख तक पहुंच सकता है।

टोटल 448 जिलों में कोरोना से हुईं मौतें

भारत में सबसे ज्‍यादा केसेज वाले 10 शहरों की लिस्‍ट से गुड़गांव और इंदौर बाहर हो गए हैं। उनकी जगह बेंगलुरु और पालघर ने ली है। मौतों के मामले में टॉप 10 जिलों में बदलाव नहीं हुआ है। दो हफ्ते पहले तक देश के 391 जिले ऐसे थे जहां कोविड-19 के चलते मरीज की मौत हुई। अब देश के 448 जिले ऐसे हो गए हैं।

​’भारत में कोरेाना के मई-जून जैसे हालात’

इंस्‍टीट्यूट के एक साइंटिस्‍ट डॉ. सीताभ्र सिन्‍हा ने कहा, “नॉर्मली नंबर्स में कोई चेंज 10 दिन से लेकर दो हफ्ते के बाद दिखता है। मैं ये कहूंगा कि ये जो बढ़त हम देख रहे हैं, उसकी वजह जून के बीच में या उसके बाद हुई है। मसला ये है कि इस वक्‍त हम उसी सिचुएशन में हैं जैसी हम मई और जून के शुरुआती दिनों में हैं।”

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