बच्चे के अपहरण के आरोप में जेल गए आरोपियों का परिवार धरने पर


ब्राह्मण महासभा के समर्थन में उतरने से प्रशासन हलाकान
दोनो परिवारों के नार्को टेस्ट की मांग पूरी होने के आश्वाशन पर सात दिन टला अनशन

उन्नाव (भाष्कर)। बिहार थाना अंतर्गत एक दुष्कर्म पीड़ित परिवार के 6 वर्षीय बालक के अपहरण मामले में जेल भेजे गए आरोपित परिवार के अन्य परिजनों ने जिला मुख्यालय धरना दिया।। परिजनों ने आरोप है कि जेल भेजे गए सभी लोग निर्दोष है। पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच के साथ पीड़ित परिवार के सदस्यों की नार्को जांच की मांग की है।


चर्चित मामले के आरोपियों के परिजनों द्वारा धरना देने की सूचना पर एडिशनल एसपी वीके पांडेय, एसडीएम सदर अक्षत वर्मा सीओ सीटी गौरव त्रिपाठी शहर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्रा आनन फानन निराला प्रेक्षागृह के बाहर पहुंचे। जहाँ उन्होंने परिजनों को काफी समझ बुझाने का प्रयास किया। आरोपी परिवार के साथ अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी भी धरने पर बैठे थे। धरने में बैठी महिलाओं ने कहा उनको न्याय न मिला तो वो यही आमरण अनशन करेंगी। एएसपी व एसडीएम के समझाने पर ज्ञापन देने के बाद एक सप्ताह समय देते हुए धरना समाप्त किया ।। बताते चले गत 5 दिसंबर को थाना बिहार में एक दुष्कर्म पीड़ता को आरोपियों ने जिंदा जला दिया था।।

जिसके बाद पूरे देश इस कांड को लेकर हंगामा बरपा था। घटना में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार के बाद जेल में है।। इसी बीच कड़ी सुरक्षा के बावजूद पीड़ित परिवार का 6 वर्षीय बालक गत 2 अक्टूबर से गायब है।। गायब बच्चे की बुआ ने दुष्कर्म आरोपियों के परिजनों पर जिसमे तीन महिलाएं भी शामिल है उन पर बच्चा गायब करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी।। पुलिस ने अपहरण में नामित चारो आरोपियों को हिरासत में लेकर कई दिन पूंछ तांछ करी। किंतु गायब बच्चें का सुराग पुलिस अभी तक नही लगा पाई। ऐसे में अपनी गर्दन बचाने के लिए सभी अपहरण के आरोपियों को जेल भेज दिया।। रविवार को आरोपी परिवार भी पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल धरने पर बैठ गया।।

पुलिस सुरक्षा थी तो कैसे गायब हो गया बच्चा
उन्नाव (भाष्कर)। इस घटना में संबसे बड़ा सवाल उठ रहा कि जिस परिवार की सुरक्षा में वर्दीधारियों की बड़ी फौज थी उसका बच्चा आखिरकार गायब कैसे हो गया।

रिपोर्टर-विश्वास प्रताप सिंह व निशांत बाजपेयी

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