वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- MSME को बिना गारंटी 3 लाख करोड़ का लोन…

मुंबई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कोविड-19 के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ब्रेकअप बताया। इस पैकेज का ऐलान प्रधानमंत्री ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम दिए अपने संदेश में किया था। मोदी ने अपनी स्पीच में चार एल यानी लैंड, लेबर, लॉ और लिक्विडिटी पर फोकस किया था यानी पैकेज में इन्हें खास तवज्जो दिया जाना तय है।

आज 15 कदमों की घोषणा

6 एमएसएमई के लिए
2 एनबीएफसी के लिए
2 एमएफआई के लिए
1 डिस्कॉम के लिए
1 रियल एस्टेट के लिए
3 टैक्स से संबंधित
1 कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए

वित्त मंत्री की स्पीच

  • निर्मला सीतारमण ने कहा- पैकेज का ऐलान आत्मनिर्भर भारत के विजन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसके पांच स्तंभ इकोनॉमी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड हैं।
  • “आत्मनिर्भर भारत का मतलब यह कतई नहीं है कि हम पृथकतावादी सोच रखते हैं। हमारा फोकस लोकल ब्रांड को ग्लोबल बनाना है।’
  • “आत्मनिर्भर भारत के लिए कई कदम उठाए गए। किसानों, कामगारों, मजदूरों के अकाउंट में सीधे पैसे डाले गए, जो एक तरह से अपने आप में क्रांति थी।’
  • “पीएम किसान योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनाओं के जरिए सीधे लोगों के बैंक खातों में रकम भेजी गई है। इन योजनाओं का फायदा किसानों को पहुंचा। जीएसटी से लघु उद्योगों को मध्यम उद्योगों का फायदा मिला।”
  • “लघु उद्योगों के लिए हमने 6 बड़े कदम उठाए हैं। एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रुपए तक का लोन दिया जाएगा। 45 लाख छोटे उद्योगों को इससे फायदा पहुंचेगा। उनसे कोई गारंटी फीस नहीं ली जाएगी।”

डिमांड और सप्लाई चेन में समन्वय पर फोकस- अनुराग ठाकुर
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा- कोविड-19 के तहत प्रधानमंत्री ने पहला कदम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण के तहत उठाया जो 1.70 लाख करोड़ रुपए का था। आरबीआई के जरिए लिक्विडिटी दी गई। भारत दुनिया भर के देशों में की तुलना में कोविड से बेहतर तरीके से लड़ रहा है। हम इस पर गहराई से विचार कर रहे हैं कि डिमांड और स्प्लाई की चेन में समन्वय बना रहे।

12 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का मिलेगा ब्रेकअप

इस पैकेज का ऐलान प्रधानमंत्री ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम दिए अपने संदेश में किया था। मोदी ने अपनी स्पीच में चार एल यानी लैंड, लेबर, लॉ और लिक्विडिटी पर फोकस किया था। 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का करीबन 8 लाख करोड़ रुपए पहले ही आरबीआई और सरकार ने जारी कर दिया था। अब 12 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ब्रेकअप दिया जा रहा है।

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