सभी धर्म के पूजा पाठ में फूल का महत्व एवं प्रयोग विधि पूजा में फूलों का एक विशेष महत्व होता है, मगर हिन्दू धर्म में फूल का कुछ अलग ही योगदान है. हिन्दू धर्म में अनेक देवी देवता है, और सभी को अलगे अलग रंग से फूल पसंद है. ईश्वर को फूल अर्पित करके हम अपनी भावना व्यक्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में फूलों का प्रयोग पूजा और उपासना के लिए किया जाता है, साथ ही ऐसी मान्यता है कि फूलों के सही अर्पण से इससे ईश्वर की कृपा बहुत जल्दी बरसती है।ज्योतिष की मानें तो पूजा में प्रयोग किए गए हर फूल के रंग और सुगंध का एक मतलब होता है. अलग-अलग प्रकार के फूल अलग तरह का प्रभाव पैदा करते हैं. तो चलिए आपको बताते हैं कि कौन से फूलों का पूजा में क्या महत्व होता है और कौन से फूल से क्या लाभ मिलता है।
पूजा में फूल का महत्व
- फूल इंसान की श्रद्धा और भावना का प्रतीक हैं।
- फूल इंसान की मानसिक स्थितियों के बारे में भी बताते हैं।
- फूलों के अलग-अलग रंग और सुगंध अलग तरह के प्रभाव पैदा करते हैं।
- साथ ही पूजा में वास्तविक फूल के अलावा मानसिक फूलों का भी अर्पण होता है।
पूजा में गेंदे के फूल का महत्व और प्रयोग विधि

- गेंदा वास्तव में एक फूल नहीं होता, बल्कि यह छोटे-छोटे फूलों का एक गुच्छा होता है जो एक फूल बनता है।
- गेंदें के फूल कई प्रकार का होता है,परन्तु पूजा अर्चना में सबसे ज्यादा पीले गेंद का फूल प्रयोग किया जाता है।
- गेंदे के फूल का सम्बन्ध, बृहस्पति नामक ग्रह से होता है।
- गेंदे का फूल प्रयोग करने से ज्ञान, विद्या और आकर्षण की प्राप्ति होती है।
- साथ ही ऐसी मान्यता है कि यदि आर भगवान विष्णु को नियमित रूप से पीले गेंदे के फूल की माला चढ़ाते हैं तो आपको संतान सम्बन्धी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
पूजामें गुलाब के फूल का महत्व और प्रयोग विधि

- एक अद्भुत और चमत्कारी फूल है गुलाब का फूल, जो रिश्तों पर सीधा असर डालता है।
- गुलाब के फूल की ढेर सारी किस्में पाई जाती हैं, परन्तु ज्योतिष और पूजा में लाल गुलाब का ही प्रयोग किया जाता है।
- लाल गुलाब मंगल से सम्बन्ध रखता है और इसकी खुशबू का सम्बन्ध शुक्र ग्रह से होता है।
- लाल गुलाब के प्रयोग से प्रेम, आकर्षण, रिश्तों और आत्मविश्वास का वरदान मिलता है।
- ऐसी मान्यता है कि यदी आप लक्ष्मी जी को नियमित रूप से एक गुलाब अर्पित करते हैं तो इससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
पूजा में कमल का फूल का महत्व और प्रयोग विधि

- कमल का फूल शुद्ध रूप से दैवीय और आध्यात्मिक फूल माना जाता है।
- सफेद रंग का कमल अत्यंत पवित्र और ऊर्जा में सर्वश्रेष्ठ होता है।
- इसका सम्बन्ध नौ ग्रहों से और दुनिया की समस्त ऊर्जा से है।
- कमल का फूल अर्पित करने का अर्थ, ईश्वर के चरणों में स्वयं को अर्पित कर देना होता है।
- शिव जी या कृष्ण जी की स्थापना कमल के फूल के आसन पर करें, ईश्वर आपको गुरु रूप में प्राप्त होंगे।
- ऐसी मान्यता है कि यदि आर एकादशी को कृष्ण जी के चरणों में दो कमल के फूल अर्पित करतें है तो इससे आपकी संतान प्राप्ति की अभिलाषा पूरी होती है।
- यदि 27 दिन तक रोज एक कमल का फूल लक्ष्मी जी को अर्पित किया जाय तो अखंड राज्य सुख की प्राप्ति होती है।
पूजा में कमल गुड़हल का फूल का महत्व और प्रयोग विधि

- गुड़हल का फूल अत्यंत ऊर्जावान माना जाता है.
- गुड़हल के फूल का उपयोग सूर्य देव की उपासना में काफी लाभकारी माना जाता है।
- नियमित रूप से देवी को गुड़हल अर्पित करने से शत्रु और विरोधियों से राहत मिलती है।
- सूर्य को गुड़हल का फूल डालकर जल अर्पित करने से सूर्य की कृपा मिलती है।
पूजा में मानसिक फूल का फूल का महत्व और प्रयोग विधि
- हर तरह के फूल से बढ़कर मानसिक फूल होता है।
- इसमें भी कमल का मानसिक फूल सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
- अलग अलग रंग के मानसिक फूल चढ़ाकर अलग अलग समस्याओं से राहत मिलती है।
- इस फूल को बनाने में जितना समय लगता है, उतना ही अच्छा माना जाता है।


















