झोली में नहीं खाने को, बाबा चले भुनाने को

नमन अवस्थी 

  • 15 अगस्त तक जिले भर में होना है पौधरोपण, तैयारियों को लेकर जुटा प्रशासन

सीतापुर। ग्रामीण अंचलों में एक कहावत है झोली में नहीं खाने को, बाबा चले भुनाने को। यह कहावत आज शासन के उस फरमान पर फिट बैठ रही है। जिसमें जिले को 27 लाख का पौधरोपण करने के निर्देश दिए गए है। अब परेशान है वह विभाग जिन्हें पौधरोपण का आदेश दिया गया है क्योंकि इसके लिए कोई अतिरिक्त मद नहीं भेजा गया है। जिस पर उनका कहना है कि वह पौधरोपण करने के लिए पौधा कहां से खरीदेगे।

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हर वर्ष जिले में बरसात में पौधरोपण होता है। इस बार पौधरोपण पार सबसे अधिक जोर किसानांें पर दिया जा रहा है। पौधरोपण किसानों की खेती के मेड़ों पर सर्वाधिक कराया जाएगा। जितनी भूमि वन विभाग के पास है उस पर तो पौधरोपण होगा ही साथ ही सरकारी स्कूलों, थानों, ब्लाकों, तहसीलों पर भी पौधरांेपण कराया जाएगा। किसानों को इसके लिए सबासे आगे किया जाएगा ताकि जमकर पौधरोपण हो सके। इसको लेकर वन विभाग ने सारी तैयारियां पूरी कर ली है। गडढे खोद कर तैयार कर लिए गए है।

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वन विभाग द्वारा सात लाख बत्तीस हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा ग्राम विकास, उद्यान विभाग, कृषि विभाग तथा अन्य विभाग पौधरोपण में शामिल होंगे। जहां वन विभाग सवा सात लाख से अधिक पौधे लगाएगा वहीं ग्राम विकास विभाग सात लाख, उद्यान विभाग पांच लाख, कृषि विभाग पांच लाख तथा अन्य विभागों में जैसे शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ब्लाक तहसील आदि तीन लाख पौधे लगाएगा। इस प्रकार कुल 27 लाख 32 हजार पौध रोपण होगा। सर्वाधिक पौधरोपाण किसानों के खेतों पर किया जाएगा। इसके तहत इस बार सरकार ने कई योजनाएं लांच भी की है जिसके तहत पौधों की देखरेख के लिए उन्हें अनुदान भी मिलेगा।

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कुछ योजनाओं में वन विभाग पौधों को निःशुल्क देगा और कुछ में शुल्क भी लेगा। अब मामला यहां पर फंस रहा है कि जिन विभागों को पौधरोपण करने के निर्देश दिए गए है वह पौधा कहां से लेकर आएंगे। कई विभागों के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शासन का फरमान है और प्रशासन ने उन्हें लक्ष्य निर्धारित करके दे दिया है। पौधा खरीदने के बारे में जब जानकारी की गई तो पता चला कि एक पौधा 15 रूप्या का है। अब अगर किसी विभाग को एक लाख पौधा लगाने का लक्ष्य दे दिया गया तो वह 15 लाख रूप्या कहां से लेकर आएगा। कई अधिकारियों ने बताया कि उनके यहां वृक्षारोपण के नाम पर एक रूप्या भी सरकार ने नहीं दिया है। जबकि अगस्त में वृक्षारोपण कराए जाने पर पूरा जोर दिया जा रहा है।

क्या कहते हैं डीएफओ
डीएफओ अनिरूद्ध पांडेय से जब इस बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण के मद को लेकर भ्रम विभागों में फैले हैं। शासन ने आदेश जारी कर दिया है कि विभागांें को वार्षिक लक्ष्य दिया गया है उसी में से 0..50 प्रतिशत वृक्षारोपण पर खर्च किया जाना है। अगा उनके पास इस तरह का काई आदेश नहीं आया है तो वह अपने विभागों के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर जानकारी ले ले। जिससे उनेकी सब शंकाएं दूर हो जाएगी।

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किस विभाग को लगाने हैं कितने पौधे
जिले भर में 27 लाख पौधों का वृक्षारोपण होना है। जिसमें वन विभाग को 7.132 लाख, ग्राम्य विकास पंचायती राज तथा राजस्व को 7 लाख, औद्योगिक विकास को .075 लाख, नगर विकास को .115 लाख, लोक निर्माण .25 लाख, सिंचाई .30 लाख, कृषि 5 लाख, विद्युत .02 लाख, बेसिक शिक्षा 1.045 लाख, माध्यमिक शिक्षा 1.045 लाख, कृषि संरक्षण विभाग .15 लाख, गन्ना विभाग .01 लाख तथा उद्यान विभाग को 5 लाख पौधे लगाने है। पौधरोपण में लगभग 15 प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। जिसमें छायादार, फलदार, खुशबूदार, औषधीय, शोभाकार तथा कामर्शियल प्रजाति के पौधे शामिल होगे। डीएफओ श्री पांडेय बताते हैं कि नीम, आम, पीपल, पाकड़, शीशम, बरगद, सागौन, जामुन, कटहल, खैर, महुआ, सहजन, ताड़, गुलमोहर, इमली समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।

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