जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन ऑलआउट शुरू, बांदीपोरा में सेना ने मार गिराये 4 आतंकी  

  • गृह मंत्रालय ने रमजान के महीने में कश्मीर में लागू गए सीजफायर खत्म करने का फैसला किया।
  • राजनाथ ने ऐलान किया कि आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को फिर से शुरू किया जाए।
  • रमजान के महीने में सीजफायर के दौरान आतंकी हमलों की संख्या में हुई थी बढ़ोतरी।
  • अमरनाथ यात्रा पर हमले की आशंका ने केंद्र सरकार के कान खड़े किए।

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में सीजफायर खत्म होने के बाद आतंकियों के खिलाफ एक बार फिर सेना का ऑपरेशन शुरू कर दिया है . सोमवार सुबह सुरक्षा बलों ने बिजबेहारा में आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन शुरू किया. सीजफायर खत्म होने के बाद आतंकियों के खिलाफ यह सेना का पहला ऑपरेशन है. जिसमे जवानो ने 2 आतंकियों को मार गिराया है.

बांदीपुरा में मार गिराए दो आतंकी

इसके अलावा सोमवार को ही बांदीपुरा में चल रहे ऑपरेशन में सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया है. इसी एनकाउंटर में ही सेना ने 14 जून को दो आतंकियों को ढेर किया था. इसमें एक जवान भी शहीद हुआ था. ये ऑपरेशन बांदीपुरा के जंगल इलाके में हुआ है, बताया जा रहा है कि यहां पर लश्कर आतंकियों का एक ग्रुप छुपा हुआ है.

सेना ने 12 जून को यहां पर ऑपरेशन शुरू किया था, जिसके बाद 14 जून को दो आतंकियों को मारा था. उसके बाद से ही यहां पर सर्च ऑपरेशन जारी है.

खबर मिलते ही शुरू हुआ ऑपरेशन

सोमवार को सुरक्षा बलों को बिजबेहारा इलाके में आतंकियों के मौजूद होने की खबर मिली. इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया. 16 मई को केंद्र सरकार ने कश्मीर में रमजान के महीने में शांति की पहल को बढ़ावा देने के लिए ऑपरेशन को निलंबित रखने का आदेश दिया था.

ईद के बाद सरकार ने इसे हटा लिया है और सुरक्षाबलों को फिर से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑलआउट शुरू करने का निर्देश दिया है. आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने बिजबेहारा में पहला ऑपरेशन शुरू किया.

खत्म हुआ सीज़फायर, शुरू हुआ सेना का एक्शन

रविवार को केंद्र सरकार ने रमज़ान का पाक महीना खत्म होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन पर लगी पाबंदी को हटा दिया था. गृह मंत्रालय ने शांति के मकसद से रमजान के महीने में सीजफायर लागू किया था, लेकिन आतंकियों ने अपने नापाक मंसूबों से इस पर पानी फेर दिया.

पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से घाटी में परिस्थितियां बनी हैं, उनसे पार पाना आसान नहीं होगा. सेना के लिए आने वाले दिनों में अब तीन मोर्चों पर खुद को मजबूती से पेश करना होगा.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने आतंकियों द्वारा जारी हिंसा के बीच रविवार को जम्मू एवं कश्मीर में घोषित एकतरफा संघर्षविराम को विस्तार न देने का फैसला किया है. यह संघर्षविराम रमजान के पाक महीने के दौरान राज्य में 16 मई को घोषित किया गया था. बता दें कि 17 मई से 14 जून के बीच जम्मू-कश्मीर में कुल 62 आतंकी घटनाएं हुईं.

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