20 पन्नों का जज ऑर्डर : उम्रकैद की सजा सुनकर कोर्टरूम में ही रो पड़े यासीन मलिक

टेरर फंडिंग मामले में दोषी पाए गए जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसले सुनने के बाद यासीन कोर्टरूम में ही रोने लगे और अपने वकील एपी सिंह को गले लगा लिया। NIA स्पेशल कोर्ट के जज प्रवीण सिंह ने 20 पन्नों का ऑर्डर पढ़कर सजा का ऐलान किया। जज ने मलिक की सभी दलीलों को खारिज कर उस पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया।

सजा सुनाते हुए जज प्रवीण सिंह ने कहा कि तुम गांधीवादी नहीं हो और ना ही उनके अहिंसा नीति को अपनाई है। पढ़िए कोर्ट ऑर्डर की 3 बड़ी बातें

मलिक ने हथियार छोड़ गांधीवाद रास्ते को अपनाया

कोर्ट में जिरह के दौरान मलिक की तरफ से पेश एमिकस क्यूरी एपी सिंह ने दलील दी थी कि 1994 के बाद मलिक ने हथियार छोड़ दिया था और गांधीवाद के रास्ते पर आ गया। इस दलील को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि मलिक ने अपने किए पर एक बार भी खेद नहीं जताया, जो बताता है कि उन्हें हिंसा करने का कोई दुख नहीं है।

कश्मीर हिंसा का कभी विरोध नहीं किया

कोर्ट ने आगे कहा कि मलिक 94 के बाद भी कई हिंसा में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे और उन्होंने एक बार भी कश्मीर में हिंसा का विरोध नहीं किया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब चौरी-चौरा कांड हुआ था, तो गांधीजी इसका विरोध करते हुए आंदोलन वापस ले लिया था।

देश के साथ बड़ा विश्वासघात

कोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा कि यासीन मलिक 1994 के बाद भी अलग जम्मू-कश्मीर की मांग की कई साजिशों में शामिल रहा। ये आइडिया ऑफ इंडिया पर हमला है। कोर्ट ने आगे कहा कि पॉलिटिकल फाइट अपनाने की बात कह आतंकी गतिविधि में शामिल रहे, जो कि विश्वासघात है। मलिक ने दलील दी थी कि उसने 7 प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है।

आजीवन कारावास के संग 10 लाख का जुर्माना लगा

यासीन को दो मामलों में उम्रकैद और 10 मामलों में 10 साल सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अलावा इस अलगाववादी नेता को 10 लाख रुपए जुर्माना भरना होगा। ​​​​​​यासीन पर पाकिस्तान के समर्थन से कश्मीर में आतंकी हमलों के लिए फंडिंग और आतंकियों को हथियार मुहैया कराने से जुड़े कई केस दर्ज थे

यासीन मलिक को सजा दिए जाने के पहले उसके श्रीनगर स्थित घर के बाहर भीड़ जमा हो गई थी। वहां अभी भी सुरक्षाबल तैनात हैं। भीड़ में से कुछ लोगों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया। भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए श्रीनगर में मोबाइल, इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

कश्मीर में जवानों की छुट्टियां रद्द

खुफिया एजेंसियों ने यासीन मलिक को सजा के बाद दिल्ली-NCR में आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं कश्मीर में जवानों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। इससे पहले, जब यासीन को सजा सुनाई जा रही थी, तो उस वक्त वहां इंटरनेट भी बंद कर दिया गया था।

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