लखीमपुर खीरी : अब जिला पुरुष व महिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ डॉक्टर भी करेंगे टीबी के मरीजों का इलाज

टीबी मुक्त भारत के उद्देश्य को साकार करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों को दिया गया प्रशिक्षण

दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान जिला पुरुष व महिला चिकित्सालय के डॉक्टर को दिया जाएगा प्रशिक्षण

सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर और जिला क्षय रोग अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता द्वारा दिया गया प्रशिक्षण

लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को शुरू हुआ। जिसमें जिला पुरुष चिकित्सालय व जिला महिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्हें टीबी से संबंधित जानकारियां सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता द्वारा दी गई। इस दौरान जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. मदन लाल, जिला महिला चिकित्सालय की प्रभारी सीएमएस डॉ. पुष्पलता मुख्य रूप से उपस्थित रहें।

सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने बताया कि भारत सहित विश्व के कई देशों में टीबी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिसने भारत की भी चिंता बढ़ाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य को साकार करने के उद्देश्य से जिला पुरुष चिकित्सालय और जिला महिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ डॉक्टरों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान पहले दिन ड्रग सेंसटिव टीबी यानी (नए टीबी के मरीज) खोजने और उनके इलाज के बारे में विस्तार से विशेषज्ञ डॉक्टरों को बताया गया। इस प्रशिक्षण का महत्व इसलिए भी अहम है क्योंकि यह सभी डॉक्टर अपने-अपने क्षेत्र के स्पेशलिस्ट हैं और ऐसे में इन के माध्यम से टीबी के नए मरीजों को आसानी से खोजा जा सकता है। साथ ही इन सभी को उन्हें फॉलो करने और इलाज की बारीकियों, दवाओं, डीबीटी के माध्यम से पेमेंट, एमडीआर की जांच जो सभी ब्लॉक्स पर होती है सहित अन्य जानकारियां भी दी गई हैं। प्रशिक्षण के दूसरे दिन 9 जून को ड्रग रजिस्टेंस टीबी के बारे में बताया जाएगा।

यह टीबी उन मरीजों में होती है जो पहले टीबी की दवा खा चुके हैं और दोबारा उससे किसी भी कारण से प्रभावित हुए हैं, ऐसे मरीजों को चिन्हित कर उनका सही इलाज होना बेहद जरूरी है। जिससे टीबी के फैलाव को रोका जा सके। वहीं इन सभी को संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग कर उनकी जांच कर आवश्यकता अनुसार उनके इलाज और बचाव के उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई है।

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