नई दिल्ली। आज से मई महीने की शुरुआत हो गई है और पहली तारीख के साथ ही आम आदमी की रसोई से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव आया है। देश की तीनों प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों— इंडेन (Indane), भारत गैस (Bharat Gas) और एचपी गैस (HP Gas) ने एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी और बुकिंग को लेकर नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों का सीधा उद्देश्य गैस की कालाबाजारी पर लगाम लगाना और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना है। अगर आप भी घर में गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो इन 4 बड़े बदलावों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है, वरना आपकी रसोई का चूल्हा बुझ सकता है।
बिना OTP नहीं होगी डिलीवरी: डिलीवरी बॉय को दिखाना होगा कोड
गैस कंपनियों ने सुरक्षा और सही ग्राहक तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अब ‘डैक’ (Delivery Authentication Code) सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है। अभी तक डिलीवरी बॉय कभी ओटीपी मांगते थे और कभी नहीं, लेकिन अब बिना ओटीपी साझा किए सिलेंडर की डिलीवरी संभव नहीं होगी। जैसे ही आप सिलेंडर बुक करेंगे, आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। सिलेंडर प्राप्त करते समय यह कोड डिलीवरी बॉय को देना होगा, तभी आपकी बुकिंग पूरी मानी जाएगी।
बुकिंग के समय में बदलाव: अब 25 दिन करना होगा इंतजार
सरकार ने सिलेंडर रिफिलिंग की समय सीमा में भी बदलाव किया है। पहले ग्राहक 21 दिनों के अंतराल पर नया सिलेंडर बुक कर सकते थे, लेकिन अब इस सीमा को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। यानी अब आप एक सिलेंडर लेने के बाद अगले 25 दिनों से पहले दूसरी बुकिंग नहीं करा पाएंगे। यह कदम स्टॉक की जमाखोरी रोकने के लिए उठाया गया है।
PNG ग्राहकों के लिए बुरी खबर: सरेंडर करना होगा LPG कनेक्शन
जिन घरों में पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) पहुंच चुकी है, उनके लिए नियम अब सख्त हो गए हैं। पिछले कुछ समय में अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते जब पीएनजी की कीमतों या आपूर्ति में उतार-चढ़ाव आया, तो कई पीएनजी ग्राहकों ने अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडर का उपयोग शुरू कर दिया था। इससे बाजार में गैस की किल्लत पैदा हो गई। अब नए नियमों के मुताबिक, पीएनजी कनेक्शन वाले ग्राहकों को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। उन्हें अब एलपीजी सिलेंडर की सुविधा नहीं दी जाएगी।
e-KYC है अनिवार्य: वरना बंद हो जाएगी सब्सिडी और सप्लाई
गैस कंपनियों ने अब सभी उपभोक्ताओं के लिए e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) करवाना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो फर्जी कनेक्शन या एक से ज्यादा कनेक्शन का लाभ ले रहे हैं। अगर आपने अभी तक अपने नजदीकी वितरक के पास जाकर या ऑनलाइन माध्यम से अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो भविष्य में आपकी गैस बुकिंग रोकी जा सकती है और सब्सिडी का लाभ भी बंद हो सकता है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल
नियमों के साथ-साथ आज से कीमतों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 1 मई से कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में सीधे 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं बताया गया है, लेकिन कमर्शियल गैस महंगी होने से बाहर खाना-पीना और हलवाईयों का खर्च बढ़ना तय है।
क्यों उठाने पड़े इतने सख्त कदम?
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। कई क्षेत्रों में सिलेंडर की कृत्रिम किल्लत पैदा की जा रही थी। सरकार ने इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने और वास्तविक जरूरतमंदों तक सब्सिडी का लाभ पहुंचाने के लिए इन नए नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।













