अमेरिका-ईरान में छिड़ा महायुद्ध: लगातार दूसरे दिन US ने बरसाए बम, खामेनेई के जनाजे के वक्त ईरान को किया धुआं-धुआं; बहरीन-कुवैत पर पलटी मिसाइलें

वॉशिंगटन/तेहरान। मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और खौफनाक खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब एक भीषण और विनाशकारी सैन्य टकराव में तब्दील हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीजफायर (युद्धविराम) खत्म करने के एलान के बाद अमेरिकी वायुसेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा और भीषण हवाई हमला किया है।

तनाव और तबाही का आलम यह है कि अमेरिका ने यह हमला ठीक उस वक्त किया, जब ईरान अपने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक (दफनाने) करने की तैयारी कर रहा था। अमेरिका के इस अप्रत्याशित कदम से पूरे खाड़ी देशों में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। इस भीषण बमबारी में भारी संख्या में लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबर है, जिसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस पर मिसाइलें दाग दी हैं।

ईरान का आधिकारिक बयान: अमेरिकी हमलों में 14 की मौत, 78 घायल

इस महायुद्ध के बीच पहली बार ईरान सरकार ने हमलों में हुए नुकसान और हताहतों का आधिकारिक आंकड़ा दुनिया के सामने रखा है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केर्मनपुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी करते हुए बताया कि पिछले 48 घंटों में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 78 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में से 47 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है और वे अस्पताल में भर्ती हैं। ईरान ने इन मृतकों को ‘शहीद’ का दर्जा दिया है।

चाबहार से बुशहर तक… अमेरिका ने ईरान के इन पांच प्रांतों को बनाया निशाना

अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के रणनीतिक और आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण ठिकानों को मलबे के ढेर में बदल दिया है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 8 और 9 जुलाई को अमेरिका ने ईरान के पांच प्रमुख प्रांतों पर चौतरफा हमला बोला। इस दौरान ईरान के सबसे प्रमुख पोर्ट सिटी चाबहार, बंदर अब्बास, रणनीतिक रूप से अहम अबू मूसा द्वीप और बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के आसपास के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों की जद में आने से कई रिहायशी इलाकों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

खामेनेई के जनाजे के रास्ते में आने वाले रेलवे और रोड पुलों को उड़ाया

अमेरिकी सेना ने ईरान की रीढ़ तोड़ने के लिए दो दिनों में ताबड़तोड़ करीब 170 ठिकानों पर बमबारी की है। अमेरिका ने बुधवार रात को अकेले ईरान के 90 सैन्य ठिकानों को नेस्तनाबूद किया, जबकि इससे पहले मंगलवार को 80 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई थी। ईरानी मीडिया के अनुसार, उत्तर-पूर्वी ईरान के गोलेस्तान प्रांत में एक मुख्य रेलवे पुल को बम से उड़ा दिया गया।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि मशहद जाने वाले रास्ते पर स्थित दो बड़े पुलों पर अमेरिकी मिसाइलें गिरी हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इसी रास्ते से गुरुवार को अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे को ले जाया जाना था। एक तरफ जहां खामेनेई के अंतिम विदाई में ईरान की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ा था, वहीं दूसरी तरफ आसमान से अमेरिकी बम बरस रहे थे।

CENTCOM ने जारी किया तबाही का ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो

इस भीषण कार्रवाई की पुष्टि करते हुए अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने हमलों का एक ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो फुटेज जारी किया है। इस वीडियो में अमेरिकी मिसाइलें ईरान के मिलिट्री हवाई अड्डों के रनवे, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल लॉन्च पैड्स को पूरी तरह जमींदोज करती नजर आ रही हैं। पेंटागन और सेंटकॉम का दावा है कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को खत्म करना है। दरअसल, पिछले दिनों ईरान ने ओमान के तट के पास कई कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया था, जिसके बाद अमेरिका ने यह खौफनाक बदला लिया है।

ईरान का पलटवार: बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें

अमेरिका के इस प्रचंड प्रहार से बौखलाए ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस पर बड़ा पलटवार कर दिया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन, कुवैत और कतर में मौजूद अमेरिकी नौसेना और सेना के ठिकानों पर ड्रोन्स और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है।

इस जवाबी हमले के बाद बहरीन में कम से कम दो बार एयर रेड (हवाई हमले) के सायरन गूंज उठे, जिससे वहां हड़कंप मच गया। बता दें कि बहरीन में ही अमेरिकी नौसेना के सबसे शक्तिशाली ‘पांचवें बेड़े’ (5th Fleet) का मुख्यालय है। उधर, कुवैत की सेना ने भी बयान जारी कर कहा है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिकी बेस की तरफ आ रही ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराने के लिए एक्टिव मोड पर हैं। कतर में भी अमेरिकी ठिकानों को टारगेट किया गया है, हालांकि इन तीनों देशों में अभी तक किसी बड़े जानी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

 

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