रूस-यूक्रेन जंग में भारी तबाही: 500 ड्रोनों और मिसाइलों से यूक्रेन पर बड़ा हमला, 9 की मौत; जवाब में यूक्रेन ने रूस के रबर प्लांट को फूंका

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा भीषण युद्ध एक बार फिर अपने बेहद खतरनाक दौर में पहुंच गया है। रूसी सेना ने यूक्रेन के कई प्रमुख इलाकों को निशाना बनाते हुए अब तक का सबसे बड़ा और घातक हवाई हमला किया है। इन भीषण हमलों में कम से कम 9 नागरिकों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। रूस ने इस बार सैन्य ठिकानों के बजाय बिजली संयंत्रों, ईंधन डिपो, किराना स्टोर और आवासीय इमारतों जैसे बुनियादी ढांचों को तबाह करने की रणनीति अपनाई है, जिससे पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी पलटवार करते हुए रूसी सीमा और उनके प्रमुख औद्योगिक संयंत्रों पर ड्रोन बरसाए हैं।

500 ड्रोनों से यूक्रेन पर हमला, ज़ेलेंस्की बोले— अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने की साजिश

शनिवार तड़के से ही रूस ने यूक्रेनी ठिकानों पर लगभग 500 ड्रोन और कई मिसाइलें तैनात कीं। हमलों की भयावहता पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने टेलीग्राम पर बयान जारी कर गहरा रोष जताया। ज़ेलेंस्की ने कहा कि युद्ध के मैदान में विफलता झेलने के बाद रूस अब जंग को अर्थव्यवस्था और आम जनता तक ले आया है। रूस की रणनीति बहुत सरल और क्रूर है— उन सभी संसाधनों और ढांचों को पूरी तरह नष्ट कर देना जो नागरिकों को युद्ध की विभीषिका से निपटने में मदद करते हैं। रूस का मुख्य उद्देश्य यूक्रेनी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करना और हमारे प्रतिरोध की क्षमता को तोड़ना है।

क्रामाटोर्स्क में आम नागरिकों की कारों पर हमला, 3 की मौत

पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क ओब्लास्त में स्थित बेहद संवेदनशील और रणनीतिक शहर क्रामाटोर्स्क (Kramatorsk) में रूस ने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, रूसी बलों ने मात्र 90 मिनट के भीतर आम नागरिकों की निजी कारों को निशाना बनाकर तीन अलग-अलग हमले किए। इन हमलों में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 4 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने साफ किया कि ये कोई सैन्य ठिकाने या वाहन नहीं थे, बल्कि अपने दैनिक कामों से निकल रहे आम नागरिकों की गाड़ियां थीं।

ज़ाइटॉमिर में किराना स्टोर तबाह, ज़ापोरिज़िया और क्रिवी रिह पर रातभर बरसाए गोले

राजधानी कीव के पश्चिम में स्थित ज़ाइटॉमिर क्षेत्र के ज़्व्याहेल (Zviahel) में रूसी हमले ने एक किराना स्टोर, दो पेट्रोल पंपों और एक विदेशी निवेश वाली कंपनी को निशाना बनाया, जिसमें 2 लोगों की जान चली गई। वहीं ज़ापोरिज़िया और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रिह पर रात भर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों में 4 लोग मारे गए और 11 घायल हुए। रूसी रक्षा मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि उन्होंने ज़ापोरिज़िया के ‘ज़ापोरिज़स्टाल’ स्टील प्लांट, निप्रो के ‘इंटरपाइप स्टील कॉम्प्लेक्स’ और क्रिवी रिह के लौह अयस्क संयंत्रों जैसे प्रमुख औद्योगिक ठिकानों को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है।

काला सागर बंदरगाहों पर हमला और मोल्दोवा का एयरस्पेस बंद

तटीय शहर ओडेसा में शनिवार शाम तक चले भीषण हमलों में लगभग 40 नागरिक घायल हो गए। रूस ने ओडेसा और चोर्नोमोरस्क बंदरगाहों पर खड़े उन मालवाहक जहाजों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया, जिन पर सैन्य आपूर्ति ले जाने का दावा किया गया था। इस भयंकर संघर्ष का असर पड़ोसी देशों में भी देखा गया, जब मोल्दोवा की सीमा के पास रूसी ड्रोन देखे जाने के बाद देश का हवाई क्षेत्र लगभग एक घंटे के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया और सात सीमा चौकियों को अस्थायी रूप से सील करना पड़ा।

यूक्रेन का पलटवार: रूस के सबसे बड़े सिंथेटिक रबर प्लांट में लगाई भीषण आग

रूसी हमलों के जवाब में यूक्रेन की सेना ने रूस के समारा क्षेत्र में स्थित तोग्लिआटी शहर पर ज़बरदस्त ड्रोन हमला किया। यूक्रेन ने रूस के सबसे बड़े सिंथेटिक रबर उत्पादक संयंत्र ‘तोग्लिआटिकाउचुक’ को निशाना बनाया, जो रूसी मिसाइलों के ईंधन के लिए आवश्यक केमिकल और रबर तैयार करता है। इस हमले के बाद संयंत्र में विकराल आग लग गई। समारा के क्षेत्रीय गवर्नर और मेयर ने पुष्टि की कि औद्योगिक ठिकानों और कई आवासीय इमारतों को क्षति पहुंची है, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है।

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