हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर: भूस्खलन से सैकड़ों सड़कें और बिजली ठप, शिमला में कई मकानों पर मंडराया संकट

 

शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार दूसरे दिन हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेशभर में सैकड़ों सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने शनिवार को भी कई जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार प्रदेश में करीब 310 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 400 बिजली ट्रांसफार्मर और 50 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 158.9 मिमी बारिश नाहन में दर्ज की गई।

शिमला में भूस्खलन से बढ़ा खतरा

राजधानी शिमला में लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। संजौली कॉलेज के पास बोथवेल क्षेत्र में शनिवार तड़के करीब चार बजे भारी भूस्खलन हुआ, जिससे कई रिहायशी मकानों पर खतरा मंडराने लगा। सड़क का हिस्सा और पहाड़ी का मलबा नीचे की ओर खिसकने से मकानों तक जाने वाला रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया।

रझाणा क्षेत्र में भूस्खलन की चपेट में आने से दो वाहन मलबे में दब गए, जबकि मिनी कुफ्टाधार में रास्ता ध्वस्त हो गया। शांकली क्षेत्र में एक भवन का हिस्सा भी गिर गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन से चार मकान गंभीर खतरे की जद में हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद जनप्रतिनिधियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन समय पर कोई मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत एवं सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।

पहले भी हो चुका है भूस्खलन

स्थानीय लोगों ने बताया कि इसी क्षेत्र में 28 जून 2025 को भी भीषण भूस्खलन हुआ था। उस समय पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें रिहायशी मकानों में घुस गई थीं, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए थे। एक बार फिर उसी स्थान पर भूस्खलन होने से लोगों में दहशत का माहौल है।

कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 17 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 12 से 14 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। चंबा, कांगड़ा, शिमला और मंडी में भारी वर्षा, जबकि हमीरपुर और कुल्लू में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों में नाहन में 158.9 मिमी, सोलन में 80.2 मिमी, नगरोटा सूरियां में 62.5 मिमी, गुलेर में 56.3 मिमी, धौलाकुआं में 55.5 मिमी, नारकंडा में 54.5 मिमी, कुफरी में 50.8 मिमी, सैंज (कुल्लू) में 48.0 मिमी, शिमला में 37.5 मिमी और मशोबरा में 36.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने, जलाशयों के पास न जाने और प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी सलाह एवं दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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