Monsoon Update 2026: देश के 9 राज्यों में प्री-मानसून का तांडव, राजस्थान में उठा रेत का महा-बवंडर; जानें आपके राज्य में कब होगी झमाझम बारिश

नई दिल्ली: देश के मौसम में इस वक्त बड़े और चौंकाने वाले बदलाव देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां देश के 9 राज्यों में प्री-मानसून (Pre-Monsoon) की एक्टिविटी के चलते कहीं आंधी-तूफान तो कहीं ओलावृष्टि से तबाही मची है, वहीं दूसरी तरफ मानसून की रफ्तार पर अचानक ‘ब्रेक’ लगने से चिंताएं बढ़ गई हैं। बीते दिन राजस्थान के चूरू, झुंझुनू और सीकर जिलों में दोपहर के वक्त रेत का ऐसा भयानक बवंडर (Dust Storm) उठा कि कुछ देर के लिए दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। इसके बाद कोटपूतली-बहरोड़ सहित कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई।

यूपी में ओले गिरे, दिल्ली में 92kmph की आंधी से फ्लाइट्स डाइवर्ट

उत्तर प्रदेश के बदायूं में मौसम ने खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया, जहां तेज आंधी-बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरे। इस दौरान एक दर्दनाक हादसा भी सामने आया, जब आंधी की वजह से एक विशालकाय पेड़ सड़क पर चल रहे ऑटो पर गिर गया, जिससे उसमें सवार एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया।

वहीं, देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में भी सोमवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। दिल्ली में करीब 92 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलीं और धूल भरी आंधी के साथ तेज बारिश हुई। खराब विजिबिलिटी और तेज हवाओं के चलते दिल्ली आ रही 4 फ्लाइट्स को इमरजेंसी में जयपुर डाइवर्ट करना पड़ा।

हवाओं के बदले मिजाज ने रोकी मानसून की रफ्तार, 64% कम बरसे बादल

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में 4 जून को दस्तक देने के बाद महज 12 दिनों में देश के 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मानसून बिहार, झारखंड और ओडिशा में आगे बढ़ चुका है और नॉर्थ-ईस्ट में यह उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा तक पहुंच गया है। हालांकि, दक्षिण भारत को पार करने के बाद यह महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास आकर अचानक ठिठक गया है।

सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि देश के एक बड़े हिस्से से मानसूनी बादल गायब हैं। 4 जून से 15 जून के बीच देश में सामान्य 53.7 मिमी के मुकाबले केवल 19.2 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है, यानी मानसून सीजन की शुरुआती बारिश में 64% की भारी कमी दर्ज हुई है।

आखिर क्यों कमजोर पड़ा मानसून? वैज्ञानिकों ने बताई असली वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून के धीमे पड़ने की वजह समुद्र में नमी का कम होना नहीं है। असल गड़बड़ी ऊपरी वायुमंडल में हवाओं के असामान्य पैटर्न (Unusual Wind Pattern) के कारण हुई है। इस बार ‘वेस्टर्न जेट स्ट्रीम’ (Western Jet Stream) अपने तय रास्ते से भटककर सामान्य से ज्यादा दक्षिण की ओर खिसक गई है। इसके चलते अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में पर्याप्त नमी होने के बावजूद बारिश वाले बादल नहीं बन पा रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगले कुछ दिनों में यह सिस्टम दोबारा एक्टिव हो सकता है।

7 राज्यों में अभी भी सूर्यदेव का सितम, पारा 40°C के पार

भले ही कई राज्यों में प्री-मानसून की बौछारें पड़ रही हैं, लेकिन देश के 7 राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप जारी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र के कई शहरों में सोमवार को पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। देश में सबसे ज्यादा तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.4°C दर्ज किया गया। इसके अलावा फलोदी में 42.8°C, खजुराहो में 42.6°C और ओडिशा के बौध में 42.5°C तापमान रिकॉर्ड हुआ।

अगले 2 दिन कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम?

17 जून का पूर्वानुमान:

  • बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ बारिश की उम्मीद है। बिहार में 50-70kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

  • असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है।

  • राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में धूल भरी आंधी (40-60kmph) के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

18 जून का पूर्वानुमान:

  • सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

  • झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं।

  • राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 40-60kmph की रफ्तार से आंधी-पानी का दौर देखने को मिल सकता है।

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