माँ बनी अपनी संतान की खून की प्यासी, दुधमुंही बच्ची को उतारा मौत के घाट….

नयी दिल्ली : दक्षिणपूर्वी दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन में 27 वर्षीय महिला ने अपनी सात महीने की बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी। महिला का कहना है कि बच्ची उसके परिवार की सभी परेशानियों का कारण थी। पुलिस ने शनिवार को बताया कि घटना 20 अगस्त की है और आरोपी की पहचान आदिबा खान के तौर पर हुई है।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपूर्व) चिन्मोय बिस्वाल ने बताया कि महिला ने पहले पुलिस को बताया था कि बच्ची बाल्टी में डूब गई। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम में बच्ची के गला दबाने की बात सामने आई और बाद में पूछताछ के दौरान महिला ने अपना आरोप स्वीकार कर लिया। महिला ने दुपट्टे से बच्ची का गला दबाया था। इसे हादसे का रूप देने के लिए उसने शव को पानी से भरे बाल्टी में डाल दिया।

पुलिस का दावा है कि बच्ची की मां आदिबा खान मानसिक रूप से बीमार रहती है। पुलिस के अनुसार मृत बच्ची के पिता इशरार खान परिवार के साथ निजामुद्दीन में रहते हैं, वह पेशे से दर्जी है। डेढ़ साल पहले उसकी शादी आदिबा खान से हुई थी। सात महीने पहले ही उसके एक घर एक बच्ची ने जन्म लिया। बच्ची को जन्म देने के बाद से ही आदिबा बीमार रहने लगी।

बीमारी के चलते घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं रहने लगी। इन्हीं बातों को लेकर दोनों पति-पत्नी के बीच झगड़े होने लगे थे। आदिबा घर की अशांति के लिए अपनी नवजात बच्ची को जिम्मेदार मानने लगी थी। उसका मानना है कि बच्ची उसके परिवार के लिए मनहूस है।

गुस्साई आदिबा ने 20 अगस्त की शाम को अपनी दुधमुंही बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। अपना जुर्म छुपाने के लिए उसने बच्ची के शव को पानी से भरी बाल्टी में डाल दिया और परिजनों के सामने इसे हादसे का नाम दे दिया। जब परिजन उसे लेकर अस्तपाल पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला जब पुलिस तक पहुंचा तो पुलिस ने शव के गले में निशान देखा।

निशान देखकर पुलिस को शक हुआ तो वहां मौजूद बच्ची के माता-पिता से कड़ी पूछताछ करनी शुरू कर दी। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आदिबा की मानसिक हालत ठीक नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और अपराध कबूलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

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