उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार (67) की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे करीब 34 साल पुराना 32 बीघा जमीन का विवाद था। वकील की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी, जिसकी पूरी पटकथा कानपुर में रची गई।
पुलिस ने जमीन विवाद के मुख्य सूत्रधार इंद्रजीत सिंह यादव समेत हत्या को अंजाम देने वाले तीन शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, सुपारी लेने वाला मुख्य आरोपी मोनू यादव फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।
1990 से चला आ रहा था 32 बीघा जमीन का विवाद
इस पूरे हत्याकांड की जड़ कदौरा क्षेत्र के चतेला गांव के रहने वाले माधव सिंह की अकूत संपत्ति से जुड़ी है। माधव सिंह के पास करीब एक हजार बीघा जमीन थी, जिसमें से उन्होंने हांसा गांव की 32 बीघा जमीन अपनी नातिन अपर्णा सिंह के नाम कर दी थी। वर्ष 1990 में माधव सिंह और उनके बेटे रामगोपाल की मौत के बाद अधिवक्ता गयादीन अहिरवार ने वसीयत के आधार पर इस जमीन पर अपना दावा ठोंक दिया।
इसके बाद अपर्णा सिंह और गयादीन अहिरवार के बीच लंबी कानूनी जंग शुरू हुई। सालों की मुकदमेबाजी के बाद अदालत से राहत मिलने पर अपर्णा सिंह ने 2019 में यह विवादित जमीन मैनपुरी निवासी इंद्रपाल सिंह उर्फ इंद्रजीत सिंह यादव को बेच दी, जो कानपुर में रहता था। हालांकि, जमीन बेचने के बाद भी विवाद नहीं थमा। इसी साल जून में गयादीन ने इंद्रजीत, उसकी पत्नी सविता समेत सात लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद रंजिश और ज्यादा गहरा गई।
दस्तावेज और नाश्ते के बहाने बुलाया, कार में अगवा कर कानपुर में उतारा मौत के घाट
वारदात वाले दिन शनिवार को गयादीन अहिरवार एक मुकदमे की सुनवाई के सिलसिले में उरई गए थे। दोपहर बाद जब वह बस से कालपी लौटे, तो उनका बेटा हर्षनाथ उन्हें स्कूटर से घर ले जा रहा था। रास्ते में आरोपी मोनू यादव ने उन्हें रोक लिया और जरूरी दस्तावेज देने व नाश्ता करने के बहाने गयादीन को अपनी कार में बैठा लिया।
कार में पहले से ही तीन शूटर मौजूद थे। आरोपियों ने गयादीन को उनके बेटे से अलग कर अगवा कर लिया और सीधे कानपुर ले गए। वहां गुजैनी क्षेत्र के गंभीरपुर में नहर किनारे 31 अक्टूबर (शनिवार) को उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को नहर में फेंक दिया गया।
एनकाउंटर में दो शूटरों के पैर में लगी गोली, तीन गिरफ्तार
पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता इंद्रजीत सिंह यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं। इंद्रजीत ने कुबूल किया कि उसने हत्या की सुपारी मोनू यादव और उसके पिता अजय यादव को दी थी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वारदात को अंजाम देने वाले तीन शूटरों—सर्वेश शुक्ला उर्फ सब्बू, आशीष विश्वकर्मा और केशव कटियार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो शूटरों के पैर में गोली लगने की भी सूचना है। पुलिस अब फरार मुख्य आरोपी मोनू यादव की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
कानपुर के वकीलों का फूटा गुस्सा: 2 दिन की हड़ताल का ऐलान, 5 करोड़ मुआवजे की मांग
गयादीन अहिरवार की निर्मम हत्या के विरोध में अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है। कानपुर के वकीलों ने मंगलवार और बुधवार को दो दिन की पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया है।
वकील संगठनों ने सरकार और प्रशासन के सामने प्रमुख मांगे रखी हैं:
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पीड़ित परिवार को 5 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
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परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी दी जाए।
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मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) में कराकर आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जाए।
पुलिस प्रशासन अब सुपारी के लेनदेन और हत्या की पूरी साजिश में शामिल अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटा हुआ है।

















