बेसहारों का सहारा बनी ‘राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना’

भास्कर समाचार सेवा


बदायूं : 12 अप्रैल| जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अवगत कराते हुए बताया कि यदि किसी परिवार का कमाऊ मुखिया जीवन की मझघार में जब अपनों का साथ छोड़ जाता है तो ऐसी स्थिति में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राष्द्रीय पारिवारिक लाभ योजना बेसहारा आश्रितों का सहारा बन रही है। यह योजना समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित की जा रही है| उन्होंने बताया कि इस योजनान्तर्गत पात्र, आवेदक विभागीय बेवसाइट पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आनलाइन आवेदन को सम्बन्धित उपजिलाधिकारी द्वारा जांचोपरान्त स्वीकृति एवं वितरण की व्यवस्था की गयी है। पात्र लाभार्थियों को अनुमन्य आर्थिक सहायता का भुगतान पीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से उनके बैंक खातों में अन्तरित कर किया जाता है। उन्होने बताया है कि राष्द्रीय पारिवारिक लाभ योजनान्तर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में रु. 46080/- तथा शहरी क्षेत्र में रु. 56460/– वार्षिक से कम हो, ऐसे परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर उनके आश्रित को रु. 30000/– की एक मुश्त सहायता प्रदान किये जाने की व्यवस्था है। योजनान्तर्गत मृतक की आयु सीमा 18 वर्ष से अधिक एवं 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। आनलाइन आवेदन मृतक की मृत्यु की तिथि से एक वर्ष के अन्दर किया जाना अनिवार्य है । उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में राष्द्रीय पारिवारिक लाभ योजनान्तर्गत कुल 2307 लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी रु. 30000/- की दर से रु. 692.10 लाख की धनराशि व्यय की गयी है।

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