अलवर/नई दिल्ली। नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और उसके बाद पैदा हुए अनिश्चितता के माहौल का दंश देश के होनहार छात्र अपनी जान देकर चुका रहे हैं. नीट परीक्षा विवाद के बीच राजस्थान के छात्रों में मानसिक तनाव इस कदर बढ़ गया है कि अब तक 3 छात्र मौत को गले लगा चुके हैं. हाल ही में सीकर में एक छात्र के सुसाइड की खबर ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब दिल्ली में रहकर तैयारी कर रही राजस्थान के अलवर की एक और होनहार छात्रा द्वारा आत्महत्या करने का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है.
परिजनों के मुताबिक, छात्रा नीट परीक्षा के भविष्य और परीक्षा रद्द होने की खबरों के बाद से लगातार गहरे मानसिक तनाव (Depression) में थी. वह पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर थी और अपना डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए रोजाना कई-कई घंटे लाइब्रेरी में बिताती थी. इस दुखद घटना के बाद से पीड़ित परिवार और पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है.
दिल्ली में भाई-बहनों के साथ रहकर डॉक्टर बनने का देख रही थी सपना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्रा की पहचान 18 वर्षीय रेणु मीणा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले के ग्राम भनोखर की रहने वाली थी. रेणु देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) की तैयारी के लिए दिल्ली में अपने भाई-बहनों के साथ किराए का कमरा लेकर रह रही थी. 14 जून की शाम को यह खौफनाक घटना सामने आई.
रोजाना की तरह 14 जून को भी रेणु अपने भाई-बहनों के साथ सुबह पढ़ाई करने के लिए लाइब्रेरी गई थी. शाम को जब सभी भाई-बहन लाइब्रेरी से पढ़कर कमरे पर वापस लौटे, तो रेणु बिना कुछ बोले अपने कमरे के अंदर चली गई. कुछ देर बाद जब भाई-बहनों ने चाय पीने के लिए रेणु को आवाज लगाई, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. कई बार खटखटाने पर भी जब दरवाजा नहीं खुला तो भाई-बहनों को अनहोनी का शक हुआ. जब दरवाजा खोला गया तो अंदर का नजारा देखकर सबकी रूह कांप गई; रेणु का शव कमरे के रोशनदान में लगे फंदे से लटका हुआ था.
10वीं-12वीं में 90% से अधिक अंक, पढ़ाई में थी अव्वल
रेणु के परिजनों ने रोते हुए बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में बेहद कुशाग्र और होनहार थी. उसने अपनी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक हासिल किए थे. वह अपने करियर को लेकर इतनी गंभीर थी कि उसका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई पर रहता था. परिजनों को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि अव्वल आने वाली उनकी बेटी अंदर ही अंदर इतने बड़े मानसिक तनाव से जूझ रही है और ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेगी.
“आखिर व्यवस्था की नाकामी की कीमत छात्र कब तक चुकाएंगे?”— सांसद संजना जाटव
रेणु के सुसाइड की खबर मिलते ही स्थानीय सांसद संजना जाटव तुरंत पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने उनके गांव भनोखर पहुंचीं. पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद सांसद संजना जाटव ने इस घटना पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा, “NEET परीक्षा पेपर लीक और धांधली की खबरों से बुरी तरह आहत होकर हमारे क्षेत्र की बेटी रेणु मीणा ने दिल्ली में अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. वह एक लंबी और कठिन तैयारी में जुटी थी.”
सांसद ने वर्तमान परीक्षा प्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए आगे कहा, “आज देश के भीतर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) को लेकर युवाओं के मन में घोर निराशा, अविश्वास और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है. देश में लगातार बढ़ रही ऐसी दुखद और भयावह घटनाएं इस बात का साफ संकेत हैं कि हमारी पूरी शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को एक बहुत ही गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है. आखिर कब तक देश के इन मासूम, मेहनती छात्रों और उनके गरीब परिवारों को सिस्टम की विफलताओं और भ्रष्टाचार की इतनी बड़ी और दर्दनाक कीमत चुकानी पड़ेगी?”
राजस्थान के 3 छात्रों की थमी सांसें: सीकर से लेकर झुंझुनू तक मातम
आपको बता दें कि नीट परीक्षा में मचे इस घमासान के बाद से अब तक राजस्थान के कुल 3 छात्र मौत के फंदे पर झूल चुके हैं:
-
उमेश माली (सीकर): अभी हाल ही में 15 जून को सीकर में नीट की तैयारी कर रहे छात्र उमेश माली ने फांसी लगाकर जान दे दी थी. उमेश मूल रूप से झुंझुनू के नवलगढ़ का रहने वाला था और डॉक्टर बनने का सपना लिए सीकर के एक कोचिंग संस्थान में पढ़ रहा था.
-
प्रदीप माहिच (सीकर): उमेश से ठीक पहले झुंझुनू के ही गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के रहने वाले प्रदीप माहिच ने भी सीकर में अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी. प्रदीप के पिता ने बेहद गरीबी के बावजूद दूसरों से भारी कर्जा लेकर अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए सीकर भेजा था, लेकिन सिस्टम की अनिश्चितता ने उससे उसका बेटा हमेशा के लिए छीन लिया.
-
रेणु मीणा (दिल्ली): और अब अलवर की रेणु मीणा ने दिल्ली में दम तोड़ दिया, जिससे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर देश भर में चिंताएं बढ़ गई हैं.















