नई दिल्ली। NEET UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपनी जांच तेज कर दी है। सीबीआई की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने मंगलवार को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले से जुड़े 13 मुख्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट (आरोपपत्र) दाखिल कर दी है। अदालत बुधवार (29 जुलाई) को इस दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले सकती है।
13 आरोपी न्यायिक हिरासत में, कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज
सीबीआई की इस चार्जशीट में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार का नाम शामिल है। यह सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238, 303(2); भ्रष्टाचार निवारण (PC) अधिनियम 1988 और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
NTA अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसी ने अदालत को स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच अभी भी खुली रखी गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि इस मामले में हाल ही में NTA के 47 अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। 12 मई को एक सरकारी अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू की गई थी।
360 गवाह और 422 दस्तावेजों के साथ कसा शिकंजा
सीबीआई ने इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने के लिए देश भर में 92 स्थानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी ने डिजिटल फॉरेंसिक एनालिसिस के दम पर पूरे नेटवर्क और मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन) की कड़ियों को आपस में जोड़ा है। चार्जशीट को मजबूत बनाने के लिए सीबीआई ने 360 गवाहों के बयान, 422 अहम दस्तावेज और 43 भौतिक सबूतों (Physical Evidence) को अदालत के सामने पेश किया है।













