नीट यूजी 2026 री-एग्जाम: ‘परीक्षा माफिया’ पर वार और छात्रों को दुलार; अब 15 मिनट एक्स्ट्रा और फ्री सफर की सुविधा…. पढ़ें 4 बड़े बदलाव

नई दिल्ली। नीट यूजी (NEET UG 2026) परीक्षा को लेकर जारी विवादों के बीच केंद्र सरकार ने छात्रों के लिए राहतों का पिटारा खोल दिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेपर लीक जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बाद छात्रों का विश्वास जीतने के लिए कई ऐतिहासिक फैसलों का ऐलान किया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी ‘परीक्षा माफिया’ को काबिल छात्रों का हक मारने नहीं दिया जाएगा। 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा (Re-exam) अब नए नियमों और हाई-टेक सुरक्षा के बीच संपन्न होगी।

21 जून की परीक्षा में हुए 4 बड़े बदलाव

सरकार ने छात्रों की मानसिक और आर्थिक परेशानियों को कम करने के लिए परीक्षा के पैटर्न और व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं:

  • 15 मिनट का अतिरिक्त समय: छात्रों का तनाव कम करने के लिए परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ा दी गई है। अब नीट यूजी परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। यह समय छात्रों को प्रश्नपत्र गहराई से पढ़ने और बिना किसी हड़बड़ाहट के उत्तर देने में मदद करेगा।

  • पसंद का शहर चुनने की आजादी: जो छात्र कोचिंग छोड़कर अपने घर लौट चुके हैं, उनके लिए NTA एक हफ्ते की विंडो खोलेगा। इसके तहत छात्र अपनी सुविधा के अनुसार नया परीक्षा शहर (Exam City) चुन सकेंगे। इसी आधार पर 14 जून तक एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे।

  • परिवहन की विशेष व्यवस्था: छात्रों पर आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर विशेष बसों और ट्रेनों का इंतजाम करेगी। एनटीए ने साफ किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।

  • अगले साल से ऑनलाइन मोड (CBT): शिक्षा मंत्री ने भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए ऐलान किया कि नीट यूजी 2026 (अगले सत्र) से परीक्षा पूरी तरह से ‘कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट’ (CBT) मोड में होगी।

गर्मी और बारिश के लिए ‘प्लान-बी’ तैयार

जून की तपती गर्मी और प्री-मानसून बारिश को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि खराब मौसम का असर छात्रों की मेहनत पर नहीं पड़ना चाहिए। केंद्रों पर कूलिंग सिस्टम और बारिश से बचाव के लिए बैकअप प्लान तैयार रखने को कहा गया है, जिससे छात्र एकाग्रता के साथ परीक्षा दे सकें।

“स्टूडेंट फर्स्ट” और जीरो टॉलरेंस की नीति

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भावुक होते हुए कहा कि एनईटीए (NTA) के सिस्टम में जो भी कमियां या ‘लूपहोल्स’ हैं, उन्हें पूरी तरह खत्म किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एजेंसी अब बहुत योग्य हाथों में है और सुधार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार की प्राथमिकता अब ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘स्टूडेंट फर्स्ट’ की है, ताकि मेधावी छात्रों को उनका सही हक मिल सके।

माफियाओं के खिलाफ कड़ा एक्शन

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पेपर लीक के दोषियों को पाताल से भी खोज निकाला जाएगा। सीबीआई जांच के साथ-साथ भविष्य के लिए एक मजबूत ‘निगरानी सिस्टम’ (Surveillance System) तैयार किया जा रहा है। 21 जून को होने वाला यह टेस्ट केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता साबित करने की एक बड़ी चुनौती भी है।

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