दिल्ली के अस्पतालों’ में सिर्फ दिल्लीवालों का इलाज होगा, सोमवार से खुलेंगे बॉर्डर

नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि कैबिनेट ने फैसला किया है कि राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा।

वहीं, केंद्र सरकार के हॉस्पिटल सभी के लिए खुले रहेंगे। दोनों सरकारों के अस्पतालों में 10-10 हजार बेड हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 8 जून से सभी रेस्तरां, मॉल्स और धार्मिक स्थल खुलने जा रहे हैं। 10 जून से शराब पर से 70 प्रतिश विशेष कोरोना शुल्क भी हटा दी जाएगी। केजरीवाल ने बताया कि उनकी सरकार ने पिछले हफ्ते दिल्ली के लोगों की राय मांगी थी। उनमें से 90 फीसदी लोगों का कहना है कि दिल्ली के अस्पताल कोरोना के रहने तक राज्य के लोगों के लिए होने चाहिए। सरकार ने इस पर 5 विशेषज्ञों की कमेटी बनाई थी। उसने भी अपनी रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली में जून के अंत तक 15 हजार बेड की जरूरत होगी।

ऐसे में यहां के अस्पतालों को बाकी लोगों के लिए खोल दिया तो रिजर्व किए गए 9 हजार बेड 3 दिन में भर जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुछ निजी अस्पताल जो ऑन्कोलॉजी और न्यूरोलॉजी से जुड़ी विशेष तरह की सर्जरी करते हैं, जिनकी सुविधा देश के बाकी हिस्सों में नहीं है, उनको छूट दी गई है। उनमें देश के बाकी लोग आकर इलाज करा सकते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी होटल और बैंक्वेट हॉल खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही, हो सकता है कि आगे जरूरत पड़ने पर इन्हें भी अस्पतालों से अटैच करना पड़े।

आठ जून से हरियाणा और यूपी से लगने वाली दिल्ली की सीमाएं खोल दी जाएंगी। एक हफ्ते पहले दिल्ली सरकार ने घोषणा की थी कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली की सीमाएं एक सप्ताह तक बंद रहेंगी। दिल्ली सरकार ने यह भी बताया कि लॉकडाउन के बीच शराब पर जो 70% अतिरिक्त चार्ज लगाया गया था, वह 10 जून से हटा लिया जाएगा। हालांकि, सरकार ने शराब पर वैट 20% से बढ़ाकर 25% कर दिया है। 

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