कानपुर. थाने के अंदर दरोगा को चाकूओं से गोदकर उतारा मौत के घाट, एक दिन बाद मिली लाश

कानपुर के सजेती थाना परिसर में दरोगा की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। सीतापुर के मूल निवासी दरोगा का शव सोमवार रात से मंगलवार देर शाम तक थाना परिसर में ही पड़ा रहा। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर आईजी समेत कई पुलिस अफसर पहुंचें। अभी घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है।

सीतापुर के थाना मानपुरा स्थित रामकुंड के निवासी पच्चा लाल गौतम (58) सजेती थाने में दरोगा थे। उनका ट्रांसफर इटावा हो चुका था मगर अभी तक वे यहीं ड्यूटी कर रहे थे। मुख्यमंत्री का अहिरवां एयरपोर्ट पर मंगलवार को कार्यक्रम होने के कारण थाने में पुलिसकर्मी बहुत कम रह गए थे। उनके रिटायरमेंट में डेढ़ साल बाकी रहने के कारण ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। मंगलवार शाम साढ़े छह बजे जब थाने के मुंशी अजय पाल परिसर स्थित उनके आवास में पहुंचे तो लाश देखकर दंग रह गए। पच्चा लाल की नृशंस हत्या की गई थी। इसमें उनकी आंतें तक बाहर आ गईं थीं। गले पर भी चाकुओं से गोदे जाने के दो गहरे जख्म थे। कमरे में कूलर चल रहा था। सूचना मिलते ही एसएसपी अखिलेश कुमार और एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह फोरेंसिक टीम के साथ थाने पहुंचे। बाद में आईजी आलोक सिंह भी पहुंच गए। कमरे को घेरा बनाकर पड़ताल शुरू कर दी गई।

हरदोई में तैनाती के दौरान किया था प्रेम विवाह
पच्चा लाल यहां से पहले हरदोई में तैनात थे जहां उन्होंने एक महिला से प्रेम विवाह किया था। एसपी ग्रामीण के मुताबिक उस शादी से दो बेटियां थीं। इस परिवार को उन्होंने कानपुर शहर में रखा हुआ था जबकि पहली शादी का परिवार सीतापुर स्थित गांव में रह रहा था। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में हत्या की यह कड़ी हरदोई और सीतापुर से जुड़ी हुई लगती है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

पिछली रात दस बजे देखा गया था
पच्चा लाल को सोमवार की रात दस बजे मोबाइल पर किसी से बात करते देखा गया था। उसके बाद से उनका अता-पता नहीं था। तब से उन्होंने ड्यूटी क्यों नहीं की और ड्यूटी पर क्यों नहीं लगाया गया इस सवाल की भी जांच हो रही है। थाना परिसर में घटी इस वारदात को लेकर तमाम और सवाल खड़े हो गए हैं।

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