
भास्कर समाचार सेवा
इटावा। मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का विस्तार किया गया है। इसी के तहत हर 24 तारीख को एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) स्तर पर सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन किया जा रहा है। इस बार यह आयोजन जिले के चयनित 16 चिकित्सालयों में 28 अक्टूबर को होगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ गीता राम ने दी।
उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाएं सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक में गर्भवती प्रसवपूर्व गुणवत्तापरक निशुल्क जांच और उपचार का लाभ अवश्य लें।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व आरसीएच नोडल डा. बीएल संजय ने कहा कि एफआरयू के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को विस्तारित किया गया है जिसका प्रमुख उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाएं इसका लाभ उठा सकें। जिससे गर्भवती महिलाओं को द्वितीय और तृतीय तिमाही में निःशुल्क प्रसव पूर्व गुणवत्तापरक जांचों और उपचार की सुविधाएं सुलभ हो और वह उनका लाभ ले सकें।
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता सीपी सिंह ने बताया की जिला महिला चिकित्सालय,जसवंतनगर ,महेवा, सरसई नावर, भरथना,सैफई मेडिकल कॉलेज सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ व एमबीबीएस चिकित्सक की देखरेख में निशुल्क जांच और उपचार की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि चिन्हित एचआरपी गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय परामर्श पर तीन अतिरिक्त विजिट करने पर ₹100 प्रति विजिट लाभार्थी को देने का प्रावधान भी है इस संदर्भ में आशा द्वारा व स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती को विस्तार पूर्वक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर गर्भवतीयों को स्वास्थ्य केंद्रों पर निम्न सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी-
• समस्त गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच जैसे हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन जांच, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफलिस, वजन, ब्लड प्रेशर, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचे की जाती हैं।
• समस्त गर्भवती के गर्भ का द्वितीय एवं तृतीय त्रैमास में कम से कम एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ अथवा एलोपैथिक चिकित्सक की देख-रेख में निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।
• टिटनेस का टीका,आयरन व कैल्शियम सहित अन्य आवश्यक दवाएं दी जाती हैं।
• हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान,प्रबंधन एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव हेतु प्रेरित किया जाता है।
• पोषण,परिवार नियोजन तथा प्रसव स्थान के लिये काउंसलिंग भी की जाती है।














