
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में दर्ज FIR के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि संघ अपनी स्थापना के समय से ही छुआछूत को पाप और धर्म के खिलाफ मानता आया है।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि RSS का स्पष्ट मत है कि छुआछूत गलत है और धर्म के नाम पर इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में दिल्ली स्थित RSS मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मनुस्मृति भी जलाई।
हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम पर क्या है विवाद?
हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित तौर पर एक ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई। राहुल गांधी ने इसे ‘छुआछूत का दूसरा नाम’ बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी।
इसी विवाद के बीच राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई। कांग्रेस ने FIR को लेकर विरोध जताया और इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया। इसके विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में RSS मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
मनुस्मृति जलाने पर इंद्रेश कुमार का कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से मनुस्मृति जलाए जाने के सवाल पर इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस खुद छुआछूत के आरोपों का सामना कर रही है और दूसरों पर आरोप लगाकर अपनी स्थिति साफ दिखाने की कोशिश कर रही है।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि किसी पर आरोप लगाने से दूसरा व्यक्ति दोषी साबित नहीं हो जाता। उन्होंने कांग्रेस पर लगातार गलत बातें कहने का आरोप लगाया और दावा किया कि RSS अपने अनुशासन और राष्ट्रवादी विचारधारा के कारण संविधान के प्रति प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि RSS हमेशा संविधान का पालन करता आया है और संविधान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता स्पष्ट है।
अनुच्छेद 370 को लेकर भी कांग्रेस पर हमला
इंद्रेश कुमार ने इस दौरान कांग्रेस पर संविधान की भावना को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए जम्मू-कश्मीर से जुड़े अनुच्छेद 370 का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण जम्मू-कश्मीर में अलग व्यवस्था, अलग झंडे और अलग नेतृत्व जैसी स्थिति बनी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी और देश के विभाजन के बाद संविधान की भावना को नुकसान पहुंचाने का काम कांग्रेस ने किया। हालांकि, ये इंद्रेश कुमार के राजनीतिक आरोप हैं और इस मुद्दे पर कांग्रेस का अपना अलग पक्ष रहा है।
युवाओं के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
RSS नेता ने हाल के छात्र और युवा आंदोलनों को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई आंदोलन मूल रूप से छात्रों और युवाओं के मुद्दों से जुड़े थे, लेकिन राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप के कारण उनका स्वरूप बदल गया और आंदोलन कमजोर पड़ गए।
इंद्रेश कुमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इन आंदोलनों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि देश के युवा राष्ट्रवादी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं और कांग्रेस के प्रदर्शन उनकी सोच को नहीं बदल सकते।
फिलहाल हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर कांग्रेस और RSS के बीच बयानबाजी तेज है। एक तरफ कांग्रेस FIR और कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं RSS की ओर से कांग्रेस पर पलटवार किया जा रहा है। ऐसे में यह विवाद आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी सियासी बहस का मुद्दा बना रह सकता है।














