
सड़कों कें किनारे खड़ी की जा रही हैं स्कूल बसें
भास्कर समाचार सेवा सहारनपुर। महानगर में कई ऐसे स्कूल हैं जिनमें हजारों की संख्या में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक कें बच्चें पढ़ते हैं। वहीं इन प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल में फीस भी दो हज़ार से चार हज़ार रुपये कें बीच स्कूल की फीस बच्चों से ली जाती हैं। वहीं ट्रेन्स्पोर्टेशन की भी फीस एक हज़ार से लेकर 15 सौ रुपये कें क़रीब हैं वहीं स्कूल चाहे एक वर्ष में दस महीने खुले लेकिन ट्रांसपोर्ट फीस पूरे 12 महीने की बच्चों से ली जाती हैं वहीं सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों पर लगातार नगर निगम कारवाही कर रहा हैं चाहें रेडी ठेला व खोखा लगाने वाले लोग़ हो या फिर सड़क पर सामान रखकर बेचने वाले लोग़ हो इन पर निगम कें प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल बी एस नेगी का जुर्माने कें साथ समान जब्त करने का चाबुक चलना तय हैं वहीं इन लाखों की कमाई करने वाले स्कूलों कें पास अपने स्कूल में बच्चों को लाने वाली बसों कें लिये कोई पार्किंग नहीं हैं सैकड़ों स्कूल बसें दिल्ली रोड़ व अन्य जगहों पर आपको सड़क किनारे खड़ी मिल जाएंगी। जिनसे अतिक्रमण भी बढ़ता हैं लेकिन आज तक कर्नल बीएस नेगी कें द्वारा इन स्कूल बसों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई जबकि छोटे मोटे दुकानदारों से अतिक्रमण कें नाम पर जुर्माना भी प्रवर्तन दल कें द्वारा किया जाता हैं और अखबारों की सुर्खिया भी बटोरी जाती हैं वहीं सवाल उठता हैं की क्यों इन स्कूल बसों कें ख़िलाफ़ कोई एक्शन नगर निगम अतिक्रमण विभाग कें द्वारा लिया जायेगा या नहीं क्यों स्कूल प्रशाशन कें पास परमानेंट बसों की पार्किंग नहीं हैं स्कूल कें बाद यही बसें लकड़ी वाले पुल कें पास शारदा नगर में ऑन रोड़ पर व कई अन्य जगहों पर खड़ी मिल जाएंगी जब सहारनपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की भरपूर कोशिश की जा रही हैं तो इन स्कूली बसों कें लिये कोई निर्धारित पार्किंग क्यों नहीं की गई जिस पर प्रशाशन को गंभीरता से संज्ञान लेकर बड़ी कारवाही स्कूलों कें ख़िलाफ़ करनी चाहिये ताकि स्मार्ट सिटी में सभी काम अनुशाशन कें मुताबिक हो सके













