UP Revenue Digital Reforms: यूपी में राजस्व सेवाओं का हुआ कायाकल्प, EWS सर्टिफिकेट, खतौनी और जमीन बंटवारे के लिए 3 नए पोर्टल लॉन्च

राजस्व परिषद ने शुरू की डिजिटल सेवाएं

उत्तर प्रदेश में राजस्व सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी, सुलभ और डिजिटल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाणपत्र जारी करने, खतौनी को अधिक स्पष्ट बनाने और सह-खातेदारों के बीच भूमि विभाजन के वादों को निपटाने के लिए तीन नए डिजिटल पोर्टल शुरू किए गए हैं। लखनऊ स्थित आंबेडकर सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने शुक्रवार को इन नई ऑनलाइन सुविधाओं का औपचारिक शुभारंभ किया। इन पहलों से आम नागरिकों को तहसीलों के बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होगा।

तहसील के चक्करों से मुक्ति दिलाएगा EWS पोर्टल नए ईडब्ल्यूएस (EWS) पोर्टल के शुरू होने से अब राज्य के पात्र नागरिक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रमाणपत्र के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। प्राप्त आवेदनों को लेखपाल और तहसीलदार स्तर पर भी डिजिटल रूप में ही प्रेषित और निस्तारित किया जाएगा। आवेदक अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। डिजिटल मॉनिटरिंग लागू होने से कागजी लिखापढ़ी में कमी आएगी और पूरी व्यवस्था में जवाबदेही तथा पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

सरलीकृत खतौनी: अब 6 दशमलव स्थानों तक दिखेगा सटीक क्षेत्रफल भूमि अभिलेखों को आम जनता के लिए अधिक व्यावहारिक और त्रुटिहीन बनाने के उद्देश्य से ‘सरलीकृत खतौनी’ की शुरुआत की गई है। अब नई खतौनी में भूमि का कुल क्षेत्रफल छह दशमलव (6 Decimal) स्थानों तक प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे जमीन की माप बेहद सटीक रूप से दिखाई देगी। इसके साथ ही, अभिलेखागार में मौजूद पुराने अदालती आदेशों और पूर्व के बंधक (Mortgage) संबंधी विवरणों को भी डिजिटल रिकॉर्ड में व्यवस्थित रूप से जोड़ा गया है ताकि संपत्ति के स्वामित्व संबंधी विवादों को खत्म किया जा सके।

धारा 116 के तहत जमीन का बंटवारा अब पूरी तरह ऑनलाइन उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 116 के तहत सह-खातेदारों के बीच भूमि विभाजन (Partitions) की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके लिए जारी नए पोर्टल पर नागरिक भूमि बंटवारे का वाद दायर कर सकेंगे। नोटिस जारी करने, उद्घोषणाएं करने और संबंधित लेखपाल की रिपोर्ट अपलोड करने का काम डिजिटल माध्यम से होगा। पोर्टल पर मौके का नक्शा (Map) देखने की सुविधा भी जोड़ी गई है ताकि अदालती प्रक्रिया और जमीनी हकीकत के बीच सटीक तालमेल बना रहे और मुकदमों का समयबद्ध निस्तारण हो सके।

तकनीक के साथ संवेदनशीलता और रोवर तकनीक का प्रदर्शन शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान राजस्व परिषद अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने पीसीएस (PCS) प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए प्रशासनिक कार्यों में तकनीक के साथ-साथ संवेदनशीलता बनाए रखने पर बल दिया। इस अवसर पर प्रशिक्षु अधिकारियों को आधुनिक ‘रोवर तकनीक’ (Rover Technology) के माध्यम से जमीन की अत्यंत सटीक और त्वरित पैमाइश का व्यावहारिक प्रदर्शन भी दिखाया गया।

 

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