
काराकास। वेनेजुएला में बुधवार को आए विनाशकारी और ऐतिहासिक भूकंप के बाद स्थितियां पल-पल बदतर होती जा रही हैं। शुक्रवार को भी देश के उत्तरी तट के पास भूकंप के तेज आफ्टरशॉक्स (झटके) महसूस किए गए, जिससे पूरा इलाका एक बार फिर दहल उठा। रिक्टर पैमाने पर इस नए भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई है। इसके झटके देश की राजधानी काराकास और माराके शहर में इस कदर महसूस किए गए कि लोग अपनी जान बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते हुए तुरंत घरों से बाहर सुरक्षित जगहों की तरफ भागने लगे। इन लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स के कारण मलबे में फंसे जिंदा लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले 125 साल का सबसे विनाशकारी भूकंप, मोम की तरह मुड़ गईं इमारतें
वेनेजुएला में बुधवार की शाम को आए दो ज़बरदस्त और बैक-टू-बैक भूकंपों ने ऐसी तबाही मचाई है, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। यह आपदा वेनेजुएला के पिछले 125 सालों के इतिहास का सबसे शक्तिशाली और क्रूर भूकंप साबित हुई है। इस आपदा में गगनचुंबी इमारतें ताश के पत्तों और मोम की तरह ढह गईं, जिससे पूरी की पूरी कॉलोनियां मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। राजधानी काराकास के कई हिस्से पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं। इस प्रलयंकारी भूकंप में अब तक कम से कम 920 लोगों की मौत की अधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि मलबे के नीचे से लाशों के निकलने का सिलसिला लगातार जारी है।
मलबे के ढेर में अपनों को तलाश रही हैं पथराई आंखें
भूकंप प्रभावित इलाकों में इस समय बेहद मार्मिक और डरावने दृश्य देखने को मिल रहे हैं। चारों तरफ मलबे के पहाड़ों के बीच लोग रोते-बिलखते हुए अपने परिजनों, बच्चों और कटी-फटी लाशों को अपने हाथों से कंक्रीट हटाकर तलाश रहे हैं। हजारों हंसते-खेलते परिवारों का आशियाना और सपना इस मलबे के नीचे हमेशा-हमेशा के लिए दफन हो गया है। कई लोग अपने पूरे परिवार से बिछड़ चुके हैं और अपनों की कोई खबर न मिलने से उनका रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पतालों में घायलों के इलाज के लिए भी जगह कम पड़ने लगी है।
मौत का आंकड़ा 10 हजार पार होने की आशंका, 50 हजार से ज्यादा लोग लापता
वेनेजुएला सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मुताबिक, इस आपदा में हताहत होने वालों का अंतिम आंकड़ा बेहद खौफनाक हो सकता है। ‘यूएस जियोलॉजिकल सर्वे’ (USGS) का अनुमान है कि इस तबाही में मरने वालों और गंभीर रूप से घायलों की कुल संख्या 10,000 से भी ज़्यादा पार हो सकती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक कम से कम 3,360 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और 172 से ज़्यादा लोग सीधे तौर पर मलबे के नीचे दबे हुए बताए जा रहे हैं। सबसे डराने वाली बात यह है कि देश में लापता (Missing) लोगों की संख्या अचानक बढ़कर 50,000 से ज़्यादा हो गई है। सेना और राहत बचाव दल युद्धस्तर पर लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।













