गोमतीनगर एक्सप्रेस में मिली सिरकटी लाश का खौफनाक सच: ‘इज्जत’ के नाम पर कलयुगी पिता ने ही किए बेटी के टुकड़े, CCTV से खुला ऑनर किलिंग का राज

लखनऊ/छपरा। बिहार के छपरा से चलकर लखनऊ आ रही गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिली एक किशोरी की सिरकटी लाश के रहस्य से पुलिस ने पूरी तरह पर्दा उठा दिया है। यह दिल दहला देने वाला मामला परिवार की ‘इज्जत’ के नाम पर की गई ‘ऑनर किलिंग’ (Honour Killing) का निकला। अपनी दो बड़ी बेटियों की लव मैरिज से समाज में कटी नाक का बदला लेने की सनक में एक कलयुगी पिता ने अपनी तीसरी बेटी को भी रास्ते से हटा दिया। आरोपी पिता ने न केवल अपनी 16 वर्षीय मासूम बेटी की निर्मम हत्या की, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए शव के टुकड़े-टुकड़े कर सिर को तालाब में फेंक दिया और बाकी धड़ को बक्से में बंद कर ट्रेन में लावारिस छोड़ दिया। इस जघन्य अपराध में उसकी बहन और बहनोई ने भी जल्लाद की तरह साथ निभाया।

दो बेटियों की लव मैरिज से खफा था पिता, तीसरी की एक गलती और बन गया जल्लाद

यह रूह कंपा देने वाली कहानी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के सेवरही थाना क्षेत्र स्थित पिपराघाट मुस्तकिल गांव (टोला जयपुर) की है। यहां रहने वाला बिग्गन अंसारी पेशे से ई-रिक्शा चालक है और उसकी तीन बेटियां थीं। बिग्गन की दो बड़ी बेटियों ने उसकी मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह (लव मैरिज) कर लिया था, जिससे वह समाज में बुरी तरह अपमानित महसूस कर रहा था और भीतर ही भीतर सुलग रहा था। इसी बीच उसे भनक लगी कि उसकी तीसरी और सबसे छोटी 16 वर्षीय बेटी भी गांव के ही किसी युवक से फोन पर बातचीत करती है। बिग्गन ने उसे कई बार डांटा और सुधरने की चेतावनी दी, लेकिन जब बेटी नहीं मानी, तो उसने अपनी ही कोख से जन्मी औलाद को मौत के घाट उतारने का खौफनाक प्लान बना डाला।

पत्नी और बेटों को भेजा रिश्तेदार के घर, आधी रात को बहन-बहनोई संग मिलकर काटा गला

साजिश को अंजाम देने के लिए 16 मई की शाम बिग्गन अंसारी ने बड़ी चालाकी से अपनी पत्नी और दोनों बेटों को एक रिश्तेदार के घर भेज दिया। घर में केवल उसकी छोटी बेटी और एक 90 वर्षीय बुजुर्ग मां थी, जो ठीक से देख-सुन नहीं सकती थीं। इसके बाद बिग्गन ने पड़रौना कोतवाली क्षेत्र के खिरकिया में रहने वाली अपनी सगी बहन नूरजहां और बहनोई मजबुल्लाह को फोन कर घर बुला लिया। रात के सन्नाटे में तीनों ने मिलकर सो रही किशोरी को दबोच लिया और धारदार हथियार से उसकी गर्दन रेत कर हत्या कर दी। हैवानियत यहीं नहीं रुकी; आरोपियों ने शव को कई हिस्सों में काट डाला। पहचान छिपाने के लिए कटा हुआ सिर गांव के ही एक गहरे तालाब में फेंक दिया, जबकि धड़ और बाकी अंगों को पुरानी साड़ियों व प्लास्टिक में लपेटकर एक लोहे के बक्से में ठूंस दिया।

ई-रिक्शा से स्टेशन पहुंचे हत्यारे, स्लीपर कोच की सीट के नीचे छिपा दिया बक्सा

शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी पिता बिग्गन अंसारी ने अपने ही ई-रिक्शा का इस्तेमाल किया। आधी रात को बक्सा ई-रिक्शा पर लादकर तीनों तमकुहीराज रोड रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस आकर रुकी तो मौका पाकर तीनों ट्रेन के S-1 स्लीपर कोच में दाखिल हुए और बक्से को सीट के नीचे लावारिस हालत में धकेल कर चुपचाप फरार हो गए। जब ट्रेन अपने आखिरी स्टेशन गोमतीनगर (लखनऊ) पहुंची, तो कोच की सफाई के दौरान लावारिस बक्से को देखकर हड़कंप मच गया। जीआरपी ने जब बक्सा खोला, तो उसके अंदर का खौफनाक मंजर देखकर पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए।

रेलवे के ‘तीसरी आंख’ ने खोला राज, तालाब से निकला कटा सिर

लखनऊ जीआरपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोमतीनगर से लेकर छपरा तक के सभी छोटे-बड़े स्टेशनों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने शुरू किए। इसी दौरान तमकुहीराज रोड स्टेशन के पास लगे कैमरों में बिग्गन और उसके साथियों की बक्सा ले जाते हुए संदिग्ध तस्वीरें कैद हो गईं। फुटेज के ठोस आधार पर तमकुहीराज आरपीएफ और कुशीनगर स्वाट (SWAT) की संयुक्त टीम ने दबिश देकर बिग्गन को दबोच लिया। पुलिस की कड़ी पूछताछ में हत्यारा पिता ज्यादा देर टिक नहीं सका और रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया। बिग्गन की निशानदेही पर पुलिस ने गोताखोरों की मदद से गांव के तालाब से किशोरी का कटा हुआ सिर और हत्या में इस्तेमाल खूनी हथियार बरामद कर लिया है।

चारबाग GRP थाने में एफआईआर दर्ज, सलाखों के पीछे पहुंचे तीनों आरोपी

इस रोंगटे खड़े कर देने वाले ऑनर किलिंग कांड में थाना जीआरपी चारबाग (लखनऊ), सेवरही और तमकुहीराज पुलिस की संयुक्त टीम ने मुख्य आरोपी पिता बिग्गन अंसारी, बुआ नूरजहां और फूफा मजबुल्लाह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लखनऊ के चारबाग जीआरपी थाने में हत्या और साक्ष्य मिटाने (BNS की सुसंगत धाराओं) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हैरानी की बात यह है कि पड़ोसियों और घर में मौजूद 90 वर्षीय दादी को भी इस खूनी खेल की भनक तक नहीं लगी। जब पुलिस टीम आरोपी को लेकर गांव पहुंची, तब जाकर इस जघन्य कांड का खुलासा हुआ, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि झूठी शान की खातिर कुछ पिताओं के लिए बेटियों की जिंदगी कितनी सस्ती हो जाती है।

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