
क्वेटा : पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा शनिवार को एक बार फिर बम धमाके से दहल उठी। यहां फ्रंटियर कोर (FC) मुख्यालय के गेट के पास स्थित रेलवे ट्रैक पर एक भीषण आत्मघाती हमला हुआ है। शुरुआती स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विस्फोट उस समय हुआ जब कैंट स्टेशन की तरफ से आ रही एक पैसेंजर ट्रेन वहां से गुजर रही थी। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक कम से कम 23 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
बोगी के उड़े परखच्चे, आसमान में छाया धुएं का गुबार
चश्मदीदों के मुताबिक, धमाका क्वेटा के रेलवे स्टेशन के पास ‘मन फाटक’ इलाके में हुआ। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेन की एक पूरी बोगी के परखच्चे उड़ गए और कई डिब्बे पटरी से नीचे उतर गए। धमाके के तुरंत बाद रेलवे ट्रैक के आसपास के इलाके में भीषण आग लग गई। आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और रेलवे स्टेशन के बाहर खड़े कई वाहन भी जलकर खाक हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला और बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। सभी घायलों को इलाज के लिए क्वेटा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां आपातकाल (इमरजेंसी) लागू कर दी गई है। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों की हालत नाजुक है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
सेना प्रमुख आसिम मुनीर के दौरे के ठीक बाद हमला
यह आत्मघाती हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में पाकिस्तानी सेना के प्रमुख (COAS) जनरल आसिम मुनीर ने खुद क्वेटा का दौरा किया था। उन्होंने वहां तैनात सैन्य टुकड़ियों के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। सेना प्रमुख के इस हाई-प्रोफाइल दौरे के तुरंत बाद उग्रवादियों द्वारा इतने बड़े हमले को अंजाम देना सीधे तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र को खुली चुनौती माना जा रहा है। हमले के बाद पूरे क्वेटा शहर और सभी संवेदनशील ठिकानों पर हाई अलर्ट जारी कर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
35 उग्रवादियों की मौत का बदला! बौखलाहट में किया ब्लास्ट
सुरक्षा विशेषज्ञों और प्रांतीय सरकार के सूत्रों का मानना है कि यह आत्मघाती हमला पाकिस्तानी सेना द्वारा बलूचिस्तान प्रांत में चलाए जा रहे उग्रवाद विरोधी अभियानों का बदला हो सकता है। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, हाल ही में सुरक्षा बलों ने क्वेटा के बाहरी पहाड़ी इलाके ‘मंगला जरघून गार’ में चार दिनों तक एक बड़ा खुफिया सैन्य ऑपरेशन चलाया था। इस सफल कार्रवाई में सेना ने उग्रवादी समूहों के कई कैंपों और ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया था, जिसमें 35 उग्रवादी मारे गए थे और तीन शीर्ष कमांडरों को जिंदा गिरफ्तार किया गया था। माना जा रहा है कि इसी बड़ी सैन्य कार्रवाई की बौखलाहट में उग्रवादियों ने इस आत्मघाती रेल धमाके की साजिश रची और बेकसूर लोगों को निशाना बनाया। फिलहाल किसी भी संगठन ने आधिकारिक तौर पर इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक बलूच उग्रवादी संगठनों पर गहरा रहा है।














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