
छोटी सी उम्र में जब मुश्किलों का पहाड़ टूटता है तो बचपन जिम्मेदारियों के बोझ तले चकनाचूर हो जाता है। 9 वर्षीय अंकित को याद नहीं है कि वह कहां से ताल्लुक रखता है। लेकिन उसे यह पता है कि उसके पिता जेल में हैं। जबकि मां ने उसे दर दर की ठोकरें खाने के लिए अकेला छोड़ दिया। जी हां, अंकित किसी को नहीं जानता। लेकिन वह चाय की दुकान पर काम करके और गुब्बारे बेचकर अपना गुजर बसर करता है। वह फुटपाथ पर अपने इकलौते दोस्त डैनी (कुत्ता) के साथ सोता है जो हमेशा उसके साथ ही रहता है।
मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों से अंकित इसी तरह से जिंदगी जी रहा है। वह दिनभर में जो भी कमाता है उसे डैनी और अपना पेट भरने पर खर्च कर देता है। एक चाय की दुकान के मालिक ने बताया कि जब तक अंकित उनकी दुकान में काम करता। उसका कुत्ता एक कोने में बैठा रहता था। उन्होंने कहा कि अंकित कभी भी फ्री में कुछ नहीं लेता, वह अपने कुत्ते के लिए किसी से दूध भी नहीं मांगता।
कुछ दिनों पहले ही किसी ने बंद दुकान के बाहर एक बच्चे और उसके कुत्ते को कंबल में साथ सोता देखा। उसने इस लम्हे को कैमरे में कैद किया और तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। मामला इंटरनेट पर वायरल हो गया। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने बच्चे की तलाश शुरू की और सोमवार की सुबह तक पुलिस ने बच्चे को ढूंढ लिया।
अंकित की उम्र 9 से 10 साल होगी, जिसे ढूंढने के लिए मुजफ्फरनगर के एसएसपी अभिषेक यादव ने पुलिस की एक टीम भेजी थी। अब वह मुजफ्फरनगर पुलिस की ही देखरेख में है।
एसएसपी अभिषेक ने कहा, ‘हम उसके रिश्तेदारों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए अंकित की तस्वीरें आसपास के जिलों के अलग-अलग थानों में भेजी गई है। हमने जिला महिला एवं बाल कल्याण विभाग को भी इसकी जानकारी दे दी है।’ वहीं, एसएचओ अनिल कापरवान ने बताया कि अंकित एक स्थानीय महिला शीला देवी के साथ रहता है। पुलिस के अनुरोध पर एक प्राइवेट स्कूल उसे मुफ्त शिक्षा देने को राजी हो गया है।













