
उत्तर प्रदेश में योगी के बुलडोज़र से आज हर एक बदमाश और सफ़ेद पॉश बाहुबली नेता डर के मारे थर्रा रहे हैं. जिन बदमाशों ने पुरानी सत्ता के सहारे उत्तर प्रदेश की सडकों पर उत्पात मचा रखा था. आज वो सभी जेल की सलाखों के पीछे सड़ रहे हैं. और बाहर योगी का बुलडोज़र उनके अतिक्रमणों ओर अवैध निर्माणों को नेस्तनाबूत कर रहा हैं. इस बीच एक और बड़ी खबर आई हैं जो इन बाहुबली नेताओं और बदमाशों के लिए सबक बनेगा. बता दें आगरा की जेल में बंद निषाद पार्टी के विधायक विजय मिश्रा के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर पर्यटक थाना का निर्माण किया जाएगा. बता दें जमीन को छुड़ाने के बाद प्रशासन ने जमीन पुलिस विभाग को हस्तांतरित कर दी है. इस बात की जानकारी भदोही के जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने दी हैं.
दरअसल, भदोही पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह ने बताया, ”सरकार की ओर से हर जिले में पर्यटकों की सुविधा के लिए एक पर्यटक थाना बनाने के निर्देश दिये गये हैं. जिसमें काशी, मिर्ज़ापुर, भदोही और प्रयागराज जिले के सभी महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों के बीच में पड़ने वाला ऊंज थाना के नवधन क्षेत्र का यह स्थल सबसे उपयुक्त है, जहां से चारों जिले के पर्यटकों को सुविधा और सुरक्षा मिलेगी. सावन में कांवरियों की ओर जलाभिषेक के लिए भी यह हाइवे काफी महत्वपूर्ण है.”
उन्होंने बताया, ‘6 हज़ार वर्ग मीटर भूमि में यहां एक थाना भवन के साथ पर्यटक पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों के रहने को आवास के लिए एक कालोनी के रूप में विकसित किया जायेगा. साथ ही एक सरकारी पर्यटक अतिथि गृह भी बनाने की योजना है.” उन्होंने कहा कि दो हज़ार वर्ग मीटर के बाहरी क्षेत्र में पार्किंग एरिया होगा.
जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि लगभग आठ हज़ार वर्ग मीटर की इस सरकारी भूमि पर ज्ञानपुर के विधायक विजय मिश्रा ने कई साल से परशुराम मंदिर का बोर्ड लगाकर, चारदीवारी से घेर कर कब्ज़ा कर रखा था. इसकी शिकायत बीजेपी विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी ने की थी, जिसकी जांच तहसील प्रशासन से कराई गई और जांच में उक्त भूमि पर विजय मिश्रा का अवैध कब्जा पाते हुए 18 दिसंबर 2020 को बुल्डोजर से ध्वस्त कर प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया और इस मामले में विजय मिश्रा के खिलाफ ऊंज थाना में मुकदमा दर्ज़ कर पांच लाख सत्तर हजार रूपये का जुर्माना भरने को नोटिस दिया गया है.
विजय मिश्रा उनकी पत्नी और बेटे पर उनके एक रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी की चल-अचल संपत्ति सहित कई अन्य मामलों पर चार अगस्त को दर्ज हुए मामले में विजय मिश्रा को मध्य प्रदेश से पुलिस ने चौदह अगस्त को गिरफ्तार किया. जिसके बाद से वह आगरा जेल में बंद हैं, जबकि उनकी विधान परिषद सदस्य पत्नी रामलली मिश्रा उच्च न्यायालय से सशर्त जमानत पर हैं और बेटा विष्णु मिश्रा अभी तक फरार है. पुलिस ने विष्णु की गिरफ़्तारी के लिए लुकआउट नोटिस जारी किया हुआ है.
तो इसी के साथ एक के बाद एक ऐसी कार्रवाई को देखते हुए अब यूपी की जनता को यकीन होने लगा हैं कि चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश को अपराध और अपराधी मुक्त राज्य बनाने के वादे को योगी जी पूरा कर के रहेंगे. इस खबर पर आपके क्या विचार हैं हमें कमेंट सेक्शन में कमेंट कर जरूर बताएं.














