मारे गए लोगों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण कराने की योजना

पाकिस्तान में गुरुवार को तेजगाम एक्सप्रेस ट्रेन में गैस सिलेंडर के फटने से हुए भीषण हादसे में मारे गए लोगों की पहचान के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों ने डीएनए परीक्षण कराने की योजना बनाई है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। यह हादसा ट्रेन में खाना पकाने के गैस सिलेंडर विस्फोट के कारण हुआ।

डॉन न्यूज ने रहीम यार खान जिले के डिप्टी कमिश्नर जमील अहमद के हवाले से शुक्रवार को कहा कि  डीएनए टेस्ट कराकर 52 शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। गुरुवार को हुई इस भीषण हादसे में रावलपिंड से चलने वाली तेजगाम एक्सप्रेस के तीन डिब्बें जलकर खाक हो गए। इस हादसे में कम से कम 74 लोगों की मौत हो गई।

ट्रेन 857 यात्री थे सवार

पीड़ितों में से अधिकांश पाकिस्तान के सबसे बड़े धार्मिक समारोहों में से एक वार्षिक तब्लीगी इज्तिमा में भाग लेने के लिए यात्रा कर रहे थे। ट्रेन 857 यात्रियों को ले जा रही थी, जिसमें अधिकतर तब्लीगी समूह के लोग शामिल थे। जानकारी अनुसार इस हादसे में पीड़ित लोग सबसे ज्यादा सिंध प्रांत से थे। अधिकारियों ने इससे पहले पहचान करके कई शवों को मीरपुरखास और अन्य शहरों में शुक्रवार को दफन के लिए रिश्तेदारों को सौंप दिया।

अस्पताल के बाहर लगी लंबी कतार

इसके अलावा मृतकों के रिश्तेदार रहीम यार खान जिले के एक अस्पताल के बाहर डीएनए परीक्षण के लिए खून के नमूने के साथ लंबी कतार में दिखाई दिए। डिप्टी कमिश्नर अहमद ने कहा कि फोरेंसिक टीमों ने 48 घंटे के भीतर पहचान प्रक्रिया को पूरा करने की उम्मीद है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आग लगने के बाद ट्रेन को रोकने में इतनी देर क्यों लगी? गौरतलब है कि प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि ट्रेन को आग लगने के बाद इसे रोकने में लगभग 20 मिनट लग गए थे।

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