राम मंदिर चढ़ावा चोरी : आरोपी लवकुश मिश्रा के ‘साम्राज्य’ पर चलेगा बुलडोजर! पत्नी के नाम अवैध निर्माण पर ADA का कड़ा एक्शन, थमाया अल्टीमेटम

अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा की मुश्किलें अब दोगुनी होने वाली हैं। इस महाघोटाले के तार जैसे-जैसे खुल रहे हैं, वैसे-वैसे आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। अब अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने लवकुश मिश्रा के खिलाफ एक और बड़ा मोर्चा खोल दिया है। प्राधिकरण ने लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर बन रही एक आलीशान संपत्ति पर सख्त कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली है।

प्राधिकरण ने इस मकान निर्माण को लेकर सुप्रिया मिश्रा को एक कड़ा कानूनी नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि अगर एक हफ्ते के भीतर इस निर्माण को लेकर कोई संतोषजनक जवाब या वैध कागजात नहीं सौंपे गए, तो इस अवैध निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त (बुलडोजर कार्रवाई) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

करोड़ों की जमीन सिर्फ 8 लाख में! नौकरी के दौरान ही रची गई साजिश

मामले की गहराई से जांच कर रही टीमों के सामने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि जब लवकुश मिश्रा राम मंदिर में नौकरी कर रहा था, उसी दौरान उसने सोहावल तहसील के मंगसी परगना इलाके में अपनी पत्नी के नाम पर एक कीमती जमीन खरीदी थी। 16 अक्टूबर 2025 को हुई इस रजिस्ट्री में जमीन की सरकारी कीमत महज 8.8 लाख रुपये दिखाई गई थी।

जबकि चौंकाने वाली बात यह है कि बाजार में इस जमीन की असली कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी जा रही है। वहीं, कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स और सूत्रों का दावा है कि इस प्राइम लोकेशन की अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपये तक भी हो सकती है। अब जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या इस जमीन को खरीदने में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी की रकम का इस्तेमाल किया गया था।

बिना पास नक्शे के तान दी इमारत, एक हफ्ते में चलेगा बुलडोजर!

चढ़ावा चोरी कांड के बाद जब अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) के अधिकारी इस निर्माण स्थल पर मुआयना करने पहुंचे, तो वहां नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं। बिना किसी स्वीकृत नक्शे और नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से निर्माण कार्य किया जा रहा था।

प्राधिकरण ने नोटिस भेजकर सुप्रिया मिश्रा से सीधा सवाल किया है कि क्या इस निर्माण के लिए विभाग से कोई नक्शा पास कराया गया था या नहीं? इसके लिए कागजात जमा करने की एक तय समयसीमा दी गई है। अगर तय वक्त के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘बुलडोजर नीति’ के तहत इस अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया जाएगा।

SIT की बड़ी कार्रवाई, 15 जुलाई को सौंपेगी फाइनल रिपोर्ट

राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर चढ़ावे की चोरी के इस गंभीर आरोप ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 13 जून को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इस मामले की परतें इतनी गहरी हैं कि अब शासन ने SIT का कार्यकाल 15 दिन के लिए और बढ़ा दिया है।

इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा समेत अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। SIT अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप चुकी है और अब वह इस बात की तफ्तीश कर रही है कि चोरी की गई मोटी रकम का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया और इस काले खेल में बैकएंड से कौन-कौन शामिल था। SIT आगामी 15 जुलाई को इस पूरे मामले की अंतिम और विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपेगी, जिसके बाद कई और बड़े नामों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

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