
उधमपुर । वर्ष 2022 समाप्त होने में करीब एक सप्ताह का ही समय बचा है। यह वर्ष उधमपुर के लिए ज्यादा उत्साहवर्द्धक नहीं रहा है। इस वर्ष लगभग 10 वर्षों उपरांत उधमपुर में अातंकवाद की तीन घटनाएं हुईं जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई तथा एक दर्जन के लगभग घायल हो गए।
पहली घटना सलाथिया चाैक में हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई तथा कई घायल हो गए थे। वहीं दूसरी घटना दोमेल चाैक में एक बस में लगा आईईडी से बलास्ट हुआ तथा उसके अगले ही दिन एक अन्य बस में ब्लास्ट हुआ। यह दोनों बसें बसंतगढ़ से आई थीं। इन घटनाओं के अपराधी जिन्होंने पाकिस्तान के ईशारे पर यह विस्फोट किए थे पकड़े गए।
नगर में देविका प्रोजैक्ट के नाम पर 170 करोड रुपया देविका नदी के सौदर्यकरण तथा नगर की सीवरेज व्यवस्था के लिए आया परंतु सौदर्यकरण के नाम पर लीपापोती ही की गई। देविका नदी का जो पानी स्वच्छ होना था वह नहीं हो सका। न ही शमशान घाट की हालत सुधर सकी। वहाँ का पुल जर्जर हालत में है, उसके टूटने की आशंका बनी हुई है। हां देविका का कुछ क्षेत्र जरूर सुंदर बनाया गया है, जहां पर बैसाखी मेला लगता है।
सीवरेज व्यवस्था से नगर वासी रहे परेशान
यहां तक सीवरेज व्यवस्था की बात की जाए तो इस वर्ष भी इसके कार्य में कोई खास तेजी देखने को नहीं मिली। इस वर्ष भी कई स्थानों पर उसका काम चल रहा है। उससे सभी उधमपुर वासी काफी परेशान हैं, क्योंकि नगर की कोई सड़क, गली ऐसी नहीं है जिसकी खुदाई न की गई हो। खुदाई के उपरांत वहां पर मुरम्मत न होने के जरा सी वर्षा होने पर कीचड़ ही कीचड़ फैल जाता है। वहां न तो वाहन चल पाते हैं न ही पैदल चला जाता है। काम भी अति धीमी गति से हो रहा है। इसका जीता-जागता उदाहरण ईदगाह रोड है। जहाँ तीन माह से कार्य चल रहा है। मुश्किल से दो सौ मीटर गली है वह अभी तक बन नहीं पाई।
लोगों ने कई बार नगर में कार्य की धीमी गति घटिया सामान को लेकर बार-बार प्रदर्शन किए परन्तु विभाग टस से मस नहीं हो रहा। जिससे स्थानीय निवासी काफी नाखुश हैं। उनका मानना है कि यह प्रोजैक्ट जिस ढंग से बनाया जा रहा है, शायद ही सफल हो सके। सिर्फ धन बर्वाद किया जा रहा है।
नगर परिषद व व्यापार मंडल रहे चर्चा का विषय
इस वर्ष नगर परिषद व व्यापार मंडल काफी चर्चित रहे। नगर परिषद के प्रधान डाॅ. जोगेश्वर गुप्ता जोकि भाजपा से हैं उनके विरुद्ध भाजपा ने ही पैथर पार्टी के पार्षदों के सहयोग से अविश्वास मत पेश किया, जिसमें उनकी हार हो गई। अब यह मामला न्यायालय में चला गया है। वर्ष 2023 में वैसे भी चुनाव होने हैं। इस आपसी लड़ाई के कारण नगर का विकास ठप्प हो गया है।
इस वर्ष व्यापार मंडल के चुनाव भी हुए जो काफी चर्चा में रहे। व्यापारी दो गुटों में बंट गए तथा जितेंद्र वरमानी पुनः व्यापार मंडल के प्रधान चुने गए। लेकिन दूसरे गुट द्वारा व्यापार मंडल के चुनाव को ही पूरी तरह से गैर कानूनी करार दिया, क्योंकि इसका समय पर पंजीकरण तक नहीं हो सका, जिससे दूसरे गुट द्वारा इसके चुनाव को ही वेमानी करार दिया। वहीं अब दोनों ही गुट अपने-अपने तरीके से व्यापारियों की समस्याओं को हल करने में जुटे हुए हैं।
वर्ष 2022 में वर्षा अधिक से हुआ काफी नुक्सान
इस वर्ष उधमपुर जिले में भारी वर्षा हुई, जिसमें फसलें तो तबाह हुईं ही, कई लोगों की मृत्यु मकान गिरने, नदी नालों में बह जाने के कारण हुई। किसान उन्हें पहुंचे नुक्सान के लिए जद्दोजहद कर रहे तथा उन्हें पहुंचे नुक्सान की कुछ तो भरपाई हो।
यह वर्ष नशा विरोधी अभियानों के लिए जाना जाएगा
इस वर्ष सड़क दुघर्टनाएं भी काफी हुईं, जिसमें कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा तो कई घायल हुए। इस वर्ष चोरी की घटनाएं भी बहुत ज्यादा हुईं। पुलिस द्वारा नशा तस्करी व पशु तस्करी रोकने के लिए कई अभियान चलाए गए तथा करोड़ों का माल जब्त किया गया। कई अपराधियों को पकड़ा गया। पुलिस द्वारा स्कूलों, कालेजों में जाकर नशा विरोधी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
राजनीतिक रूप से वर्ष 2022 रहा उथल-पुथल भरा
यह वर्ष राजनीतिक रूप से भी उथल-पुथल भरा रहा। नैशनल पैंथर्स पार्टी के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक हर्ष देव सिंह पार्टी छोड़ कर आम आदमी पार्टी में चले गये। वह उसके प्रदेश कन्वीनर बने। जबकि नैशनल पैंथर्स पार्टी के ही पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया भी पैंथर्स पार्टी को छोड़कर पहले आप में सम्मलित हुए तथा बाद में भाजपा में सम्मलित हुए।
वहीं कांग्रेस के कई नेता जिनमें प्रमुख रूप से अश्विनी खजूरिया व बृज मोहन शर्मा पार्टी छोड़ कर गुलाम नबी आजाद की पार्टी डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी में सम्मलित हो गए, जिससे कांग्रेस पार्टी और ज्यादा कमजोर हो गई। भारतीय जनता पार्टी के संगठन में भी भारी परिवर्तन किया गया। पूरन चंद के स्थान पर अरूण गुप्ता जिला प्रधान नियुक्त किए गए तथा सारी जिला टीम भी बदली गई। इस वर्ष उधमपुर के तीन दिग्गज राजनीतिक नेताओं की मृत्यु हो गई, इनमें पैंथर्ज पार्टी के सुप्रीमों प्रो. भीम सिंह, व्यापार मंडल व नगर परिषद के पूर्व प्रधान रामानंद बारिया तथा नगर परिषद के पूर्व प्रधान एडवोकेट कुलभूषण गुप्ता।
वर्ष 2022 में सफाई व्यवस्था बनी रही गंभीर समस्या
वर्ष 2022 में उधमपुर की सफाई समस्या गंभीर मुद्दा बना हुआ है। यहां पर पहले घर-घर से कूडा उठाया जाता था परन्तु ठेकेदार का कार्यकाल समाप्त होने पर नगर परिषद की आपसी झगडे़ के कारण नया टैंडर नहीं कर सका, जिस कारण लोगों को भारी मुश्किल हो रही है। नगर का कूड़ा कहां फैंकना है वह भी एक समस्या बनी हुई है। उसके लिए स्थान भी तय किया गया परन्तु कूड़ा को खाद बनाने वाली मशीनें न आने के कारण वहाँ कूडे के ट्रकों के ट्रक ढेर पड़े हैं, जिससे गांव वासियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं उन्होंने नगर परिषद द्वारा कूडे का निस्तारण नहीं करने को लेकर वहां पर कूड़ा नहीं फैंकने दिया जा रहा है। वहीं समस्या का अभी तक को समाधान नहीं होने कारण अभी भी यह समस्या गंभीर रूप धारण किए हुए है।
वर्ष 2023 से नगरवासियों को काफी आशाएं
वर्ष 2023 से नगर वासियों को काफी आशाएं हैं, क्योंकि 2023 उधमपुर के लिए उपलब्धि भरा वर्ष होने की संभावना है। मेडीकल कालेज जो मंजूर हुआ है वह अगले वर्ष प्रारम्भ हो जाएगा। मानतलाई में योग यूनिवर्सिटी बन रही है वह भी बन कर तैयार हो जाएगी। उधमपुर की पार्किग समस्या जो वर्षों से लटकी हुई है अब दो स्थानों पर इसका कार्य प्रारंभ होने की संभावना है, इसके लिए पांच करोड़ रूपया भी आबंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त वेयर हाउस, ट्रांसपोर्ट नगर तथा बस स्टैंड के लिए भूमि का चयन किया जा चुका है। आशा है इनका कार्य अगले वर्ष आरम्भ हो जाएगा। इस प्रकार यदि सब कुछ ठीक रहा तो वर्ष 2023 उधमपुर के लिए एक नया मील का पत्थर साबित हो सकेगा।













