अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद अपनी कार्यप्रणाली में वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने का फैसला किया है। देश-विदेश के करोड़ों रामभक्तों के विश्वास को मजबूत करने के लिए ट्रस्ट अब हर महीने अपनी विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करेगा। इस पहल से श्रद्धालु मंदिर की मासिक आय-व्यय, दान और विभिन्न मदों में हुए खर्चों का ब्योरा सीधे ऑनलाइन देख सकेंगे।
सालाना ऑडिट की पुरानी व्यवस्था खत्म, पारदर्शिता पर जोर
अब तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट साल में सिर्फ एक बार वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर तैयार की जाती थी। यह रिपोर्ट केवल ट्रस्टियों की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत की जाती थी और आम श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध नहीं होती थी।
चढ़ावा चोरी के मामले के बाद पैदा हुए विवाद को देखते हुए ट्रस्ट ने इस पुरानी व्यवस्था को बदलने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था लागू होने से न केवल वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी, बल्कि ट्रस्ट के संचालन को लेकर किसी भी प्रकार की शंका या अफवाहों की स्थिति पर भी विराम लगेगा।
5 साल बाद वेबसाइट होगी अपडेट, निर्माण कार्य की मिलेगी पल-पल की जानकारी
ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट लंबे समय से केवल दर्शन समय, ऑनलाइन आरती बुकिंग और संपर्क विवरण तक ही सीमित थी। मंदिर निर्माण से जुड़ी अंतिम प्रमुख आधिकारिक सूचना लगभग 5 साल पहले, 6 फरवरी 2021 को अपलोड की गई थी—जब लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स के साथ हुए समझौते की जानकारी साझा की गई थी। इसके बाद से निर्माण प्रगति का कोई भी नियमित डिजिटल अपडेट जारी नहीं किया गया था।
आधिकारिक पोर्टल पर मिलेंगे प्रशासनिक फैसले व सुविधाओं के अपडेट
नई पारदर्शी व्यवस्था के तहत वेबसाइट को सूचना साझाकरण का मुख्य केंद्र बनाया जा रहा है। अब केवल मासिक वित्तीय रिपोर्ट ही नहीं, बल्कि निम्नलिखित जानकारियां भी नियमित रूप से अपडेट होंगी:
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प्रशासनिक फैसले: ट्रस्ट की बैठकों में लिए गए महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय।
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निर्माण कार्य की प्रगति: मंदिर निर्माण के विभिन्न चरणों की अद्यतन स्थिति।
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भक्त सुविधाएं व आयोजन: श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाएं और आगामी धार्मिक आयोजनों का विवरण।
इस बदलाव से भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में बसे करोड़ों सनातन धर्म के अनुयायी भी मंदिर ट्रस्ट की गतिविधियों से सीधे और पारदर्शी रूप से जुड़ सकेंगे।















