
भारतीय सेना सीमा पर आतंकियों से निहटने के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती रही है. अब सेना के एक अधिकारी ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जिससे किसी इमारत में छिपे आतंकवादी तक का पता लगाया जा सकेगा.
दरअसल, सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल जीवाईके रेड्डी ने एक डिवाइस तैयार किया है. इसका नाम ‘माइक्रोकॉप्टर’ रखा गया है. इस डिवाइस का इस्तेमाल आतंकियों पर नजर रखने के लिए किया जाएगा.
इस डिवाइस का पैरा स्पेशल फोर्सेज बटालियन ने सफलतापू्र्वक ट्रायल भी कर लिया है. हालांकि, इसमें कुछ सुधार करने कि बात कही गई हैं. भारतीय सेना ने सीमा पर निगरानी करने के लिए स्विच ड्रोन प्राप्त करने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट पर साइन तक कर दिए हैं
आइडिया फोर्स के मोहित बंसल के अनुसार, वर्टिकल टेक ऑफ और लैंडिंग ड्रोन में 4,500 मीटर की अधिकतम ऊंचाई पर दो घंटे तक उड़ान भरने की क्षमता है. फर्म ने कुछ साल पहले डीआरडीओ के साथ नेत्रा ड्रोन भी बनाया था. इस डिवाइस को नई दिल्ली में भारतीय सेना द्वारा इंटरनल इनोवेशन के लिए आयोजित हुए एक इवेंट में भी दिखाया गया है.
सेना के अधिकारियों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में आए-दिन होना वाले आतंकवादी घटनाओं को रोकने में यह डिवाइस मददगार हो सकती है.













