आजमगढ़ में दोहरा हत्याकांड मामला : हत्यारोपी और इंस्पेक्टर का व्हाट्सएप चैट हुआ वायरल

आजमगढ़. निजामाबाद थाना क्षेत्र के चकिया हुसैनाबाद में हुआ दोहरा हत्याकांड थानेदार और हत्यारोपी की मजबूत गठजोड़ का नतीजा था। थानाध्यक्ष और हत्यारोपी के बीच कई बार ह्वाट्सएप पर चैटिंग हुई है। चैटिंग के दौरान पैसे के लेनदेन की बातें भी सामने आयी है। शायद गठजोड़ का ही नतीजा था कि मृतक की गुहार कभी थानेदार ने नहीं सुनी जबकि उसपर पहले भी जानलेवा हमला हो चुका था। बहरहाल एसओ और हत्यारोपी का चैट वायरल होने के बाद एसओ को निलंबित कर दिया गया है।

क्या है ममाला
गंभीरपुर थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव निवासी मुशीर (20) पुत्र असलम सोमवार की सुबह करीब 10.30 बजे चकिया हुसैनाबाद गांव निवासी अपने फुफेरे भाई असमत (22) पुत्र अशरफ जमा के यहां आया था। मुशीर व असमत अपने मित्र काजिम (22) पुत्र फहीम निवासी ग्राम संजरपुर थाना सरायमीर के साथ गांव के रास्ते पर खड़े होकर आपस में बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान चकिया हुसैनाबाद गांव का एक युवक अपने चार साथियों के साथ बाइक से वहां पहुंचा और चाकुओं से हमला कर तीनों को घायल कर दिया। हमले में असमत और काजिम की मौत हो गयी जबकि मुशीर अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

मुखबिरी के शक में हुई हत्या
निजामाबाद थाना क्षेत्र के चकिया हुसैनाबाद गांव निवासी अशमर व मोहम्मद आरिफ उर्फ मुन्ना के बीच पुरानी रंजिश चल रही है। आरिफ उर्फ मुन्ना की फरिहां बाजार स्थित दुकान पर लगभग एक माह पूर्व पुलिस ने छापेमारी की थी। छापे के दौरान रेलवे का फर्जी टिकट बरामद किया था। फर्जी टिकट बनाने के आरोप में आरिफ उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरिफ उर्फ मुन्ना के पुत्र मोहम्मद वासिफ को संदेह था कि असमर पक्ष के लोगों ने मुखबिरी कराई जिसकी वजह से उसका पिता गिरफ्तार हुआ। इसी रंजिश में वासिक ने साथियों के साथ मिलकर दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया।

शिकायत को पुलिस ने किया था नजरअंदाज
मुन्ना की गिरफ्तारी के बाद से ही असमर को धमकियां मिल रही थी जिसके कारण वह लखनऊ चला गया था। असमर ने 21 सितंबर को निजामाबाद थानाध्यक्ष एवं पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजकर हत्या की आशंका जताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई थी लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। जबकि असमर पर पहले भी जानलेवा हमला हो चुका था।

हत्यारोपी की एसओ से गठजोड़ हुई उजागर
थानाध्यक्ष अनवर अली खां और हत्यारोपी आरिफ उर्फ मुन्ना से लगातार ह्वाट्सएप पर बात होती रही है। दोनों के चैटिंग का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें मृतक असमर के बारे में बात की गयी है। उसका मोबाइल नंबर, वाहन नंबर एक दूसरे से शेयर किया गया है। यही नहीं दोनों के बीच पैसे के लेनदेन की बात होने का मामला सामने आया था। इससे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा है। वहीं मृतक के परिजन हत्या की वजह पुलिस की मिलीभगत मान रहे हैं।

एसपी ने एसओ को किया निलंबित
चैट वायरल होने के बाद प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसओ निजामाबाद अनवर अली खां को एसपी सुधीर कुमार सिंह ने लाइन हाजिर किया था। इसके बाद आज एसओ को निलंबित कर दिया है। साथ ही जेल में बंद आरिफ उर्फ मुन्ना के साथ एसओ अनवर अली खान की एक और व्हाट्सएप चैट वायरल होने पर उसको भी जांच प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही गई है। प्रकरण की जांच में कई अन्य गंभीर खुलासे होने की बात कही जा रही है।

एसपी सिटी कर रहे मामले की जांच
हत्यारोपी व एसओ निजामाबाद अनवर अली खां की बातचीत वायरल होने के बाद पुलिस की खूब किरकिरी हो रही है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच एसपी सिटी पंकज पांडेय को सौंपी है। जांच अधिकारी के मुताबिक चैटिंग दो माह पुरानी बताई जा रही है, लेकिन मामला गंभीर है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

खबरें और भी हैं...