बलिया कांड : भाजपा विधायक के करीबी ने पुलिस अफसरों और एसडीएम के सामने युवक के सीने में मारीं गोलियां-देखे VIDEO

उत्तर प्रदेश के बलिया में गुरुवार को पुलिस अधिकारियों और एसडीएम के सामने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामला दुर्जनपुर के बैरिया का है। यहां कोटे की दो दुकानों का विवाद सुलझाने के लिए सीओ चंद्रकेश सिंह, बीडीओ बैरिया गजेंद्र प्रताप सिंह और एसडीएम सुरेश पाल पहुंचे थे। विवाद धीरेंद्र सिंह और जयप्रकाश उर्फ गामा पाल के बीच था।

पुलिस के मुताबिक, धीरेंद्र ने जयप्रकाश के सीने में 4 गोलियां मार दीं और फरार हो गया। धीरेंद्र बैरिया के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी बताया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस घटना का वीडियो ट्वीट किया है और घटना की निंदा की है।

आजमगढ़ डीआईजी सुभाष चंद दुबे घटनास्थल पहुंच गए हैं। इस बीच, बलिया पुलिस अधीक्षक को घटनास्थल पर ही रहने का निर्देश दिया गया है। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक बलिया के एसपी मौके पर ही रहेंगे। इस बीच, मौके पर भारी संख्या में पुलिस व पीएसी बल तैनात किया गया है।

गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस मामले में 8 नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। एसीएस अविनाश के. अवस्थी ने बताया कि बलिया में हुई घटना के मामले में मुख्यमंत्री ने एसडीएम समेत वहां मौजूद पुलिसकर्मी और अधिकारी को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विवाद सुलझाने के लिए पंचायत हुई, अधिकारी भी पहुंचे थे

ग्राम सभा दुर्जनपुर व हनुमानगंज की कोटे की दो दुकानों के कोटे के लिए पंचायत भवन पर बैठक बुलाई गई थी। एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, सीओ बैरिया चंद्रकेश सिंह, बीडीओ बैरिया गजेंद्र प्रताप सिंह के साथ ही रेवती थाने की पुलिस फोर्स मौजूद थी। दुकानों के लिये 4 स्वयं सहायता समूहों ने आवेदन किया था।

दुर्जनपुर की दुकान के लिए दो समूहों के बीच मतदान कराने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि वोटिंग वही करेगा, जिसके पास आधार या कोई दूसरा पहचान पत्र होगा। एक पक्ष के पास कोई आईडी प्रूफ नहीं था। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया।

विवाद बढ़ने के बाद चले लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर
विवाद के दौरान लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने लगे। एक पक्ष ने फायरिंग शुरू कर दी। दुर्जनपुर के जयप्रकाश उर्फ गामा पाल को धीरेंद्र ने ताबड़तोड़ चार गोलियां मार दीं। जयप्रकाश को लेकर लोग सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इलाके में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात की गई है।

दिनदहाड़े हुई इस घटना से पूरे इलाके में मचा हड़कंप  

बलिया में सरकारी कोटे की दुकान को लेकर हुए विवाद में कथित तौर पर बीजेपी नेता धर्मेंद्र सिंह ने एसडीएम और सीओ के सामने एक युवक की गोली मारकर हत्‍या कर दी। दिनदहाड़े हुई इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस मामले में सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने मौके पर मौजूद एसडीएम, सीओ और अन्‍य अधिकारियों-पुलिसकर्मियों को तत्‍काल प्रभाव से सस्‍पेंड करने का आदेश दे दिया है। हालांकि अब इस घटना को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है।

कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दलों और उनके नेताओं ने इस घटना के बहाने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने निशाने पर लिया है। कांग्रेस की यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. ने ट्वीट किया, ‘ये जंगलराज नहीं तो क्या? बलिया से भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह के करीबी धीरेन्द्र सिंह ने दिनदहाड़े SDM और DSP के सामने ही एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी।’

‘बलिया में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली वारदात’
उधर समाजवादी पार्टी ने भी घटना का वीडियो ट्वीट करते हुए प्रदेश नेतृत्व को निशाने पर लिया। एसपी ने ट्वीट किया, सत्ताधीश खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। बलिया में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली खौफनाक वारदात सामने आई है जहां एसडीएम और सीओ के सामने भाजपा नेता ने युवक जय प्रकाश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के सामने से गोली मारकर बीजेपी नेता फरार भी हो गया।’

AAP की मांग, अधिकारियों पर भी दर्ज को हत्या का केस
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने कहा कि सूबे में कानून-व्यवस्था बिगड़ चुकी है। एसडीएम और सीओ की पीठ पीछे नहीं बल्कि उनकी मौजूदगी में हत्या हो जाती है और ये अधिकारी केवल मूकदर्शक बने रहते हैं। अधिकारी भी इस हत्याकांड में उतने ही दोषी हैं, जितना आरोपी बीजेपी नेता, इसलिए इन अधिकारियों के खिलाफ भी हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए।

खबरें और भी हैं...