
– नगर पंचायत कार्यालय में कार्यरत लिपिक की नियुक्ति फर्जी तो नहीं ?
– शिकायतकर्ता ने निकाय निदेशालय में जांच के लिये लगाई अर्जी
किशनी/मैनपुरी- विकास के लिये तरस रही नगर पंचायत किशनी के कार्यालय में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसी आशय से शिकायतकर्ता ने निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। नगर पंचायत के मुहल्ला कृष्णानगर निवासी सिपाहीराम पुत्र कालीचरण ने स्थानीय निकाय निदेशालय को पत्र लिखा है कि नगर पंचायत कार्यालय में लिपिक दिनेश कुमार की लिपिक पद पर की गई नियुक्ति नियम विरूद्ध है।
उन्होंने खुलासा किया कि 30 नवम्बर 2018 में लिपिक पर नियुक्ति के सम्बन्ध में हुई बैठक में प्रस्ताव सं0 22 पर प्रोन्नति के लिये लिखी गई इवारत स्वयं दिनेश कुमार द्धारा उनकी ही हैंड राइटिंग में लिखी गई है। उन्होंने जोडा कि उक्त प्रस्ताव तत्कालीन ईओ दुर्गेश कुमार एवं चेयरमैन अनिल कुमार की जानकारी में था। शिकायत है कि बैकलॉग सफाई कर्मचारी पद से सफाई कर्मचारी पद के समायोजन को गोलमोल कर शासन स्तर एवं जिला स्तर के अधिकारियों से तथ्यों को छिपाकर डायरेक्ट बाबू पदोन्नति हेतु फर्जी नियुक्ति बनाकर दिनेश कुमार की ज्वानिंग कराई गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 21 अगस्त 2018 के प्रस्ताव सं0 17 पर बैकलॉग सफाई कर्मचारी दिनेश कुमार एवं चपरासी नन्दराम दोनों को लिपिक पद हेतु प्रस्ताव लिखा गया था। पर इसके पत्र शासन व जिला स्तर पर नहीं भेजे गये ना ही उच्चाधिकारियों द्धारा स्वीकृत किये गये। उन्होंने मांग की कि 21 अगस्त 2018 तथा 30 नवम्बर 2018 की कार्यवाही रजिस्टर से जांच कराई जाय ताकि उक्त बाबू की फर्जी नियुक्ति का खुलासा किया जा सके। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि बैकलॉग सफाई कर्मचारी से 4 जनवरी 2012 को बिना किसी अधिकारी की आख्या के सफाई नायक के पद पर प्रोन्नति किया गया है जो नितान्त गलत व अबैध है।















