

भास्कर समाचार सेवा
बुलन्दशहर। बुधवार को जनपद के थाना खानपुर क्षेत्र के गांव सौंझना झाया में हुई मासूम वैभव की हत्या के बाद अगले दिन गुरुवार को भी पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। गांव में पुलिस फोर्स की तैनाती के चलते भी किसी प्रकार की कोई हलचल देखने को नहीं मिली। वहीं वैभव के हत्यारोपी की सज़ा ग्रामीणों द्वारा ही तय किये जाने को लेकर भी क्षेत्र के चर्चा चल रही है। गुरुवार की शाम को जब किशनलाल का शव गांव पहुंचा तो गांव के चन्द लोगों की मौजूदगी में ही उसका अंतिम संस्कार गांव के शमशान घाट में कर दिया गया। वहीं किशनलाल की पत्नी द्वारा भी अज्ञात लोगों के खिलाफ उसके पति की हत्या करने का आरोप लगाते हुए एक तहरीर स्थानीय पुलिस को सौंपने की चर्चा चल रही है।
बता दें कि बुधवार को अपने घेर में अकेले खेल रहे डेढ़ वर्षीय मासूम वैभव की का सर कटा शव एक ईंख के खेत से बरामद हुआ था। वैभव की हत्या के शक में ग्रामीणों ने गांव के ही एक नशे के आदि युवक काजू उर्फ किशनलाल को पकड़ लिया था और उसकी जमकर धुनाई की थी। जिसके बाद उसने वैभव की जघन्य हत्या की बात भी स्वीकार कर ली थी। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था और उन्होंने किशनलाल की सजा मौके पर ही मुकर्रर कर दी। हालांकि कानून व्यवस्था से परे दी गई यह सजा पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय पुलिस को नाकामयाबी भी बयां कर रही है। भीड़ ने मौके पर ही किशनलाल को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था और पुलिस प्रशासन को भी उसे उपचार के लिए भेजने से रोक दिया था। अधिकारियों के काफी मान मनौव्वल के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने किशनलाल को उपचार के ले जाने दिया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। गुरुवार की शाम लगभग 6 बजे किशनलाल का शव गांव में पहुंचा जहां परिजनों ने गांव के ही श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस हत्याकांड के बाद जहां वैभव के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा वही ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर काफी आक्रोश भरा हुआ था। वही किशन लाल की पत्नी द्वारा तहरीर दिए जाने के बाद ग्रामीणों में पुलिस द्वारा की जाने वाली अग्रिम कार्रवाई को लेकर भी डर बना हुआ है।














