डूरंड लाइन पर महायुद्ध: अफगानिस्तान का दावा- 55 पाकिस्तानी सैनिक ढेर, 15 चौकियों पर कब्जा; पाकिस्तान ने भी शुरू किया ‘ऑपरेशन गजब’

काबुल/इस्लामाबाद: दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्कों, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमाई विवाद अब एक भीषण सैन्य टकराव का रूप ले चुका है। डूरंड लाइन पर शुरू हुई गोलीबारी अब हवाई हमलों और सर्जिकल स्ट्राइक तक पहुंच गई है। दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के खिलाफ भारी हथियारों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे इलाके में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार और पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार, दोनों ही एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने के दावे कर रही हैं।

तालिबान का बड़ा पलटवार: पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जे का दावा

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय और प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद की ओर से सनसनीखेज दावा किया गया है। अफगान तालिबान का कहना है कि उनकी जवाबी कार्रवाई में 55 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। इतना ही नहीं, तालिबानी लड़ाकों ने डूरंड लाइन पर स्थित पाकिस्तान की करीब 15 सामरिक चौकियों पर कब्जा कर लेने की बात कही है। दावों के मुताबिक, कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को जिंदा भी पकड़ा गया है। यह संघर्ष मुख्य रूप से कंधार, हेलमंद और पक्तिका प्रांतों से लगी सीमा पर केंद्रित है, जहां तालिबान ने पाकिस्तानी सैन्य पोस्ट को सीधे निशाने पर लिया है।

पाकिस्तान का ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’: काबुल पर हवाई हमले

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ आधिकारिक तौर पर सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ (Operation Ghazab lil Haq) का ऐलान कर दिया है। पाकिस्तानी वायुसेना ने आधी रात को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत पक्तिका और कंधार में भीषण हवाई हमले किए। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के अनुसार, इस ऑपरेशन में अब तक 133 अफगान लड़ाके मारे गए हैं और 200 से अधिक घायल हुए हैं। पाकिस्तान का दावा है कि उसने तालिबान के दो कोर मुख्यालय, तीन ब्रिगेड मुख्यालय और दो बड़े गोला-बारूद डिपो को पूरी तरह तबाह कर दिया है।

दावों और हकीकत के बीच उलझा सीमा विवाद

दोनों देशों के दावों में जमीन-आसमान का अंतर दिख रहा है। जहां पाकिस्तान का कहना है कि उसने तालिबान की 27 चौकियां तबाह कर दी हैं और उसके केवल दो सैनिक शहीद हुए हैं, वहीं अफगानिस्तान इन दावों को सिरे से खारिज कर रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई क्रॉस-बॉर्डर हमलों के जवाब में की गई है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने चिंता जताते हुए पुष्टि की है कि नंगरहार और पक्तिका में हुए पाकिस्तानी हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 13 आम नागरिकों की भी जान गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की आलोचना हो रही है।

नॉकआउट की दहलीज पर खड़ा क्षेत्रीय संकट

डूरंड लाइन पर जारी यह गोलाबारी अब महज सीमाई झड़प नहीं रह गई है। पाकिस्तान का आरोप है कि उसकी सीमा में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे अफगान धरती का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि तालिबान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बता रहा है। फिलहाल काबुल और इस्लामाबाद के बीच कूटनीतिक रास्ते पूरी तरह बंद नजर आ रहे हैं और सरहद पर टैंकों व लड़ाकू विमानों की गर्जना तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है, क्योंकि यहां से स्थिति बिगड़ने पर पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है।

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