
सना/वाशिंगटन। मध्य-पूर्व (Middle East) में जारी तनाव अब एक भीषण वैश्विक संघर्ष की ओर बढ़ता दिख रहा है। यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका और इजरायल ने अपने हमले तेज किए, तो वे सीधे तौर पर ईरान के पक्ष में युद्ध के मैदान में उतर जाएंगे। हूती सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया को दिए बयान में कहा है कि वे तेहरान के समर्थन में किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं, जिससे लाल सागर से लेकर अरब सागर तक हड़कंप मच गया है।
‘धार्मिक और नैतिक जिम्मेदारी’: हूतियों का आक्रामक रुख
यमन के सूचना मंत्रालय के अवर सचिव मोहम्मद मंसूर ने एक टेक्स्ट मैसेज के जरिए अपनी मंशा जाहिर की है। उन्होंने कहा, “अंसारुल्लाह (हूती) के नेतृत्व में यमन, ईरान के समर्थन में युद्ध में शामिल होगा। यह हमारी धार्मिक, नैतिक और मानवीय जिम्मेदारी है।” मंसूर ने चेतावनी दी कि यदि वाशिंगटन और उसके सहयोगियों ने ईरान के खिलाफ स्थिति को और बिगाड़ने की कोशिश की, तो यमन बीच में दखल देकर उन पर चौतरफा हमला बोल देगा। युद्ध में शामिल होने का सटीक समय सशस्त्र बलों के आकलन और तेहरान के साथ मशवरे के बाद तय किया जाएगा।
बाब अल-मंडेब को बंद करना ‘संभव विकल्प’
हूतियों ने एक बार फिर वैश्विक अर्थव्यवस्था की दुखती रग पर हाथ रखा है। मंसूर ने संकेत दिया कि लाल सागर को वैश्विक शिपिंग मार्गों से जोड़ने वाले रणनीतिक बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करना एक “संभव विकल्प” है। बता दें कि इससे पहले भी हूतियों ने इस रास्ते से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले कर वैश्विक व्यापार में भारी उथल-पुथल मचाई थी। यदि यह जलमार्ग बंद होता है, तो अंतरराष्ट्रीय रसद और सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो सकती है।
होर्मुज के बाद अब लाल सागर पर भी संकट के बादल
ईरान पहले ही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग चार हफ्तों के लिए बंद कर चुका है, जहां से दुनिया का 20% तेल और प्राकृतिक गैस गुजरती है। इसके चलते वैश्विक तेल बाजारों में पहले से ही अफरा-तफरी का माहौल है। अब हूतियों की धमकी ने आग में घी डालने का काम किया है। हूती अधिकारी ने दो टूक कहा, “इसके परिणाम अमेरिकी और इजरायली हमलावरों के साथ-साथ इस मामले में चुप रहने वाली राजधानियों को भी भुगतने पड़ेंगे।”
विशेषज्ञों की राय: क्या छिड़ेगा तीसरा विश्व युद्ध?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हूतियों का युद्ध में सीधे शामिल होना संघर्ष को बहुआयामी बना देगा। अब तक हूती विद्रोही केवल छिटपुट हमलों तक सीमित थे, लेकिन ‘चौतरफा हमले’ की धमकी यह दर्शाती है कि उनके पास लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन का बड़ा जखीरा है, जो इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ईरान और उसके सहयोगी गुटों के अगले कदम पर टिकी हैं।














