नोएडा एयरपोर्ट बनने के बाद बढ़े धोखाधड़ी के मामले…..400 लोगों से 40 करोड़ की ठगी, ऐसे बिछाया जाल

नोएडा/देहरादून। जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के क्रेज को ठगों ने अब कमाई का जरिया बना लिया है। यमुना सिटी में सस्ता भूखंड दिलाने का झांसा देकर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसमें देहरादून के एक व्यक्ति समेत करीब 400 लोगों को अपना शिकार बनाया गया है। आरोप है कि ‘अर्बनेस्ट’ नामक कंपनी ने यमुना प्राधिकरण (YEIDA) की फर्जी योजना दिखाकर लोगों से लगभग 40 करोड़ रुपये डकार लिए। अब कोर्ट के कड़े रुख के बाद नोएडा के फेज-1 थाने में कंपनी के मालिकों और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

कैनोपी लगाकर फंसाया जाल, दिखाया सुनहरे भविष्य का सपना

यह पूरा खेल सितंबर 2024 में शुरू हुआ, जब नोएडा के सेक्टर-2 में अर्बनेस्ट कंपनी ने एक कैनोपी लगाकर प्रचार शुरू किया। मूल रूप से देहरादून के रहने वाले इंद्रदेव भट्ट, जो नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, इन ठगों के चंगुल में फंस गए। उन्हें झांसा दिया गया कि कंपनी यमुना एक्सप्रेसवे के पास आवासीय भूखंड विकसित कर रही है। ठगों ने खुद को यमुना प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त बताकर पीड़ित को सेक्टर-2 स्थित अपने कार्यालय बुलाया, जहां कंपनी के मालिक हुकुम सिंह और सिद्धांत वार्ष्णेय ने उन्हें फर्जी नक्शे और कागजात दिखाकर निवेश के लिए राजी कर लिया।

नदी क्षेत्र की जमीन का कर दिया बैनामा, 25 लाख की लगी चपत

पीड़ित इंद्रदेव भट्ट के मुताबिक, आरोपियों ने फलंदा बांगर क्षेत्र में प्लॉट देने का वादा किया और किस्तों में उनसे करीब 25 लाख रुपये वसूल लिए। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने विश्वास जीतने के लिए अपने साथी भीम सिंह के जरिए जमीन का बैनामा भी कर दिया। हालांकि, जब इंद्रदेव ने मौके पर जाकर जमीन की जांच की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह जमीन आवासीय नहीं बल्कि नदी क्षेत्र (Riverbed) की थी, जिस पर किसी भी प्रकार का निर्माण संभव नहीं था। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

400 निवेशक और 40 करोड़ की ठगी: पीड़ितों की लंबी है फेहरिस्त

जांच में सामने आया है कि इंद्रदेव भट्ट अकेले पीड़ित नहीं हैं। ठगों के इस गिरोह ने सेक्टर-128 के हरजोत सिंह से 11 लाख और फरीदाबाद के चतुर्भुज कुशवाहा से 6 लाख रुपये की ठगी की है। इंद्रदेव का आरोप है कि कंपनी ने करीब 400 लोगों से प्लॉट के नाम पर लगभग 40 करोड़ रुपये इकट्ठा किए हैं। जब सभी पीड़ित शिकायत लेकर कंपनी के दफ्तर पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला और आरोपी फरार हो चुके थे। फिलहाल, पुलिस कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास जमीन खरीदने वालों के लिए यह मामला एक बड़ी चेतावनी है।

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