समूचे घर में तीसरी आंख का पहरा….पत्नी के चरित्र पर शक : किदवईनगर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में बाप ने जुड़वां बेटियों का गला रेता….

 
 – हत्या के बाद बेटियों की लाश के पास बैठा रहा
– हत्यारे ने पुलिस को फोन लगाकर खुद बुलाया
– 12 साल पहले लव-मैरिज के बाद बिगड़े रिश्ते
– पत्नी के चरित्र पर शक करता था शशिरंजन
– समूचे घर में चप्पे-चप्पे पर लगा है सीसीटीवी

भास्कर ब्यूरो
कानपुर। रविवार की सुबह शहर को एक दर्दनाक वारदात ने चौंका दिया। पत्नी के साथ अनबन के कारण डिप्रेशन के शिकार पिता ने अपनी जुड़वां मासूम बेटियों को गला रेतकर मौत के हवाले कर दिया। सूरज निकलने से पहले वारदात के बाद हत्यारा पिता काफी देर तक बेटियों की लाश के करीब गुमशुम बैठा रहा। इसके बाद फोन लगाकर पुलिस को अपनी करतूत बताई। इस दौरान मकान में अलग हिस्से में रहने वाली पत्नी को वारदात की जानकारी भी नहीं हुई थी। पुलिस के दरवाजे पर पहुंचने के बाद बेटियों के कत्ल की बात सामने आई तो वह चीखते हुए पति को मौके पर फांसी पर लटकाने की गुहार लगाकर बिलख पड़ी। प्रारंभिक जांच में पत्नी के चरित्र पर शक के कारण एक ही घर में दूरी बनाकर रहने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शशिरंजन मिश्रा ने अपनी मौत का इंतजाम करने से पहले बेटियों की जिम्मेदारी का बोझ हटाने के लिए खौफनाक कदम उठाया है। पत्नी के दिनचर्या पर पल-पल निगरानी के लिए शशिरंजन ने घर के बेडरूम तक में सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं।

 

रात 2.30 बजे के बाद बेटियों की जिंदगी खत्म
पुलिस की प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ है कि, शनिवार और रविवार की दरमियानी रात 2.30 बजे शशिरंजन मिश्रा बेटी को लेकर वॉशरूम जाते और लौटते नजर आया है। इसके बाद सुबह 4.30 बजे उसने डॉयल 112 पर फोन लगाकर बेटियों का कत्ल करने की जानकारी देकर पुलिस को अपने घर का पता बताया था। पुलिस फॉरेसिंक टीम के मुताबिक, बच्चियों की रक्तरंजित लाश फर्श में पड़ी थी, जबकि बेड बिल्कुल साफ था। क्राइम सीन से अंदाजा है कि, हत्यारे पिता ने बच्चियों का मुंह दबाने के बाद चाकू से गला रेत दिया। एक आशंका यह भी है कि बच्चियों को कुछ नशीला पदार्थ सुंघाने या खिलाने के बाद शशिरंजन ने जघन्य वारदात को अंजाम दिया होगा।

 

मां को बेटियों की मौत की खबर ही नहीं
शशिरंजन ने मासूम बेटियों को इतनी खामोशी से मौत के घाट उतारा कि, फ्लैट में मौजूद पत्नी रेशमा को वारदात की जानकारी ही नहीं हुई। शशिरंजन के जरिए हत्या की खबर मिलते ही करीब पांच बजे किदवई नगर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में नौबस्ता थाने की टीम पहुंची तो कॉल-बेल की आवाज सुनकर बाहर निकली रेशमा पुलिस को देखकर चौंक गई। कारण पूछने पर पति के फोन के बारे में बताया तो चीखती हुई रेशमा अंदर बेडरूम में पहुंची, जहां बेटियों की लहूलुहान लाश के बगल में शशिरंजन खामोश बैठा था। रेशमा ने पुलिस को बताया कि, शनिवार की रात तक मौहाल ठीक था, सभी ने एक साथ भोजन किया। इसके बाद शशिरंजन दोनों बच्चियों को लेकर कमरे में सोने चला गया।

 

प्रेम-विवाह के बावजूद पत्नी के चरित्र पर शक
रेशमा के मुताबिक, वह बंगाल के सिलीगुड़ी की रहने वाली है, जबकि शशिरंजन मिश्रा बिहार का मूल निवासी है। करीब 13 साल पहले रेशमा शहर के एक मेंस पार्लर में काम करती थी। इसी दौरान शशिरंजन से मुलाकात हुई, जोकि कुछ समय बाद मोहब्बत में बदल गई। वर्ष 2014 में समय दोनों ने प्रेम-विवाह किया था। परिवार में 11 वर्षीय जुड़वां बेटियों रिद्धी और सिद्धी के अलावा छह वर्षीय बेटा गुन्नू है। रेशमा का कहना है कि, विवाह के कुछ दिन बाद शशिरंजन का व्यवहार बदलने लगा। अक्सर शराब के नशे में रहता था और नींद की गोलियों लेने के बाद ही सोता था। रेशमा से सवाल-जवाब के जरिए पुलिस इनपुट है कि, शशिरंजन को अपनी पत्नी रेशमा के चरित्र पर शक था। इसीलिए वह एक ही घर के अंदर दूरी बनाकर रहता था। साथ ही निगरानी के लिए किचन और बेडरूम समेत घर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों को लगवाया था।

 

बेटियों संग सुसाइड की धमकी देता था
पत्नी से अनबन के बावजूद शशिरंजन को अपनी दोनों बेटियों से बेइंतहा मोहब्बत थी। शशिरंजन के बेडरूम में रेशमा को इंट्री की इजाजत नहीं थी, लेकिन बेटियों को वह अपने साथ ही रखता था। रेशमा ने बताया कि, शशिरंजन अक्सर कहता था कि, तुम बेटे को लेकर कहीं चली जाओ, मैं बेटियों को पाल लूंगा। शशिरंजन के घर से बाहर जाने के बाद ही रेशमा उसके बेडरूम में जाती थी। रेशमा को मायके जाने से रोकने वाले शशिरंजन ने एक मर्तबा मायके जाने दिया था, लेकिन सिर्फ बेटे के साथ। बेटियों की याद सताई तो रेशमा नौ महीने बाद लौट आई थी। रेशमा ने दावा किया कि, कुछ महीने पहले शशिरंजन की मां की मौत होने के बाद शशिरंजन ज्यादा परेशान रहता था। वह अक्सर कहता था कि, मम्मी मर गई हैं, अब मैं भी मरना चाहता हूं, लेकिन दोनों बेटियों के साथ। तुम अपने बेटे को अकेले पालना। शशिरंजन की जुड़वा बेटियां अपार्टमेंट के सामने ही मदर टेरेसा स्कूल में 5वीं क्लास में पढ़ती थीं। इसी स्कूल में बेटा यूकेजी का छात्र है।

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