कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक फिजां पूरी तरह बदल चुकी है। कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड आज एक नए युग का गवाह बना, जब सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में पद की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में साल 2011 से चला आ रहा ममता बनर्जी का 15 साल का शासन आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के पावन अवसर पर हुए इस समारोह ने बंगाल की सत्ता में एक दशक से अधिक समय बाद ‘महा-परिवर्तन’ पर मुहर लगा दी है।
दिग्गज नेताओं का जमावड़ा और टैगोर को नमन
यह समारोह बंगाली भावनाओं और गौरव से ओतप्रोत रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार के कद्दावर मंत्रियों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को भव्य बना दिया। भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी और नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बंगाल की संस्कृति और राष्ट्रवाद के संगम ने वहां मौजूद हजारों लोगों में नया जोश भर दिया।
I bow to West Bengal’s Jana Shakti!
The people’s blessings are the truest strength of democracy and the noblest source of public resolve. pic.twitter.com/y5oAp7mbez
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2026
जब जनता के सामने पूरी तरह झुक गए प्रधानमंत्री
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक ऐसा पल आया जिसकी चर्चा अब पूरे देश में हो रही है। अपनी गहरी कृतज्ञता और विनम्रता का परिचय देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिगेड परेड ग्राउंड में उमड़े जनसैलाब के सामने पूरी तरह झुककर नमन किया। पीएम का यह अंदाज बंगाल की जनता के प्रति उनके सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। इस दृश्य ने वहां मौजूद हजारों समर्थकों की आंखों को नम कर दिया और मैदान ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।
98 वर्षीय माखनलाल सरकार से लिया आशीर्वाद
प्रधानमंत्री ने राजनीति से परे जाकर मानवीय संवेदनाओं और वरिष्ठता का सम्मान करने की अपनी परंपरा को बंगाल में भी बरकरार रखा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा के सबसे पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं में से एक, 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। माखनलाल सरकार आजादी के बाद से ही राज्य में राष्ट्रवादी आंदोलनों से जुड़े रहे हैं। एक प्रधानमंत्री का जमीनी स्तर के कार्यकर्ता के सामने नतमस्तक होना भाजपा की अंत्योदय और निष्ठा की राजनीति का बड़ा संदेश दे गया।
बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री बने सुवेंदु
सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। ममता बनर्जी की सत्ता को चुनौती देने वाले सुवेंदु अब राज्य की कमान संभालेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के 15 साल के अभेद्य किले को ढहाने के बाद अब सुवेंदु के सामने राज्य की कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती होगी। भाजपा के लिए यह जीत केवल एक राज्य की सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि वैचारिक रूप से बंगाल में अपनी जड़ें जमाने का सबसे बड़ा अवसर है।














