नई दिल्ली पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी तनाव और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कमर कस ली है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की तेल शोधन क्षमता को लेकर बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (PSUs) के साथ एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की है। भारत में कई बड़ी तेल परियोजनाएं अब अपने आखिरी और उन्नत चरण में हैं, जिन्हें अगले 6 से 12 महीनों के भीतर पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता 270 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) से छलांग लगाकर सीधे 300 MTPA तक पहुंच जाएगी।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब बनने की ओर भारत के कदम
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार दीर्घकालिक ऊर्जा आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने और किसी भी वैश्विक संकट से निपटने के लिए घरेलू रिफाइनरियों के व्यापक विस्तार को तेजी से बढ़ावा दे रही है। मंत्रालय और पीएसयू में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की समीक्षा से यह साफ हो गया है कि अगले एक साल में भारत की शोधन क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि होने जा रही है। इस मेगा विस्तार योजना के तहत 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली एक बिल्कुल नई ग्रीनफील्ड परियोजना भी शामिल की गई है, जिसमें 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष की पेट्रोकेमिकल क्षमता होगी। इस कदम के साथ ही भारत वैश्विक मंच पर तीसरा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
तेल कंपनियों को लगा 74,781 करोड़ रुपये का भारी झटका, सरकार ने दी टैक्स में राहत
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ग्लोबल क्रूड ऑयल) की कीमतों में आई भारी तेजी के कारण इनपुट कॉस्ट यानी लागत काफी बढ़ गई थी। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) को लागत से कम कीमत पर बेचा गया। इसके चलते 30 जून तक तेल कंपनियों को कुल 74,781 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान हुआ है। हालांकि, हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया कि आम जनता पर इस महंगाई का बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में कटौती करने का बड़ा फैसला किया है।
10 साल बाद देश को मिलेगी पहली हाईटेक रिफाइनरी, कीमतों में गिरावट में लगेगा थोड़ा वक्त
पेट्रोलियम मंत्री ने भारतीय तेल इतिहास के एक बड़े मील के पत्थर का जिक्र करते हुए कहा कि करीब दस साल के लंबे अंतराल के बाद देश में पहली नई ‘ग्रीनफील्ड रिफाइनरी’ स्थापित की जा रही है। इससे पहले साल 2016 में ओडिशा की पारादीप रिफाइनरी को चालू किया गया था। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक संदर्भ में यह नई रिफाइनरी अत्याधुनिक तकनीक और उच्च दक्षता वाले उत्पादन के मानकों पर पूरी तरह खरी उतरेगी। वहीं, आम जनता को सस्ते पेट्रोल-डीजल के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। आने वाले समय में जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का रुख साफ होगा, तभी घरेलू बाजार में भी तेल की कीमतें कम होने की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।















