उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का बड़ा फैसला: भर्ती परीक्षाओं के लिए नया आपत्ति मॉड्यूल लागू, अब दो बार दर्ज करा सकेंगे चुनौतियां

 

देहरादून: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने अपनी भर्ती परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। आयोग ने आधिकारिक अनुमोदन के बाद एक नवीन ऑनलाइन प्रश्नपत्र ऑब्जेक्शन मॉड्यूल को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

इस नई व्यवस्था के तहत आयोग अब परीक्षा संपन्न होने के बाद परिणाम जारी करने से पहले दो अलग-अलग चरणों में अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगेगा और उनका निस्तारण करेगा, ताकि मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे।

इस नए मॉड्यूल के पहले चरण में, परीक्षा समाप्त होते ही आयोग सबसे पहले प्रश्नपत्र की ‘ए-सीरीज’ को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करेगा। इसके बाद अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र के सवालों और विकल्पों की बनावट से संबंधित किसी भी तरह की गड़बड़ी पर अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए सात दिनों का समय दिया जाएगा।

पहले चरण की यह प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क होगी। अभ्यर्थियों से प्राप्त इन शुरुआती आपत्तियों का पूरी तरह निपटारा करने के बाद ही आयोग द्वारा संबंधित परीक्षा की अनंतिम उत्तर कुंजी (प्रोविजनल आंसर-की) जारी की जाएगी।

इसके बाद प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू होगा। प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को एक बार फिर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए सात दिनों का समय मिलेगा। हालांकि, इस दूसरे चरण में अभ्यर्थियों को प्रति प्रश्न पचास रुपये का शुल्क भुगतान करना होगा। इन आपत्तियों की समीक्षा के लिए आयोग विषय विशेषज्ञों की एक विशेष समिति से जांच करवाएगा। विशेषज्ञों की अंतिम संस्तुतियों के आधार पर ही फाइनल आंसर-की तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित होगा।

आयोग ने साफ किया है कि अंतिम उत्तर कुंजी और परीक्षा का रिजल्ट दोनों एक साथ ही जारी किए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था में दोनों चरणों की आपत्तियां केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी और अभ्यर्थियों को अपनी आपत्ति के समर्थन में पुख्ता प्रमाण या साक्ष्य भी अपलोड करने होंगे।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment