
गाजियाबाद : दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच गाजियाबाद के पॉश इलाके वसुंधरा से एक बेहद डरावनी और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां सेक्टर-13 में एक निर्माणाधीन 32 मंजिला गगनचुंबी इमारत के ठीक पास की मुख्य पक्की सड़क अचानक किसी भूकंप की तरह फट गई और जमींदोज हो गई। पलक झपकते ही सड़क पर खड़ी एक कार और स्कूटी करीब 20 फीट गहरे दलदली गड्ढे में समा गईं। इस दौरान वहां लगा बिजली का भारी-भरकम पोल भी 10 फीट तक जमीन के नीचे धंस गया। गनीमत यह रही कि उस वक्त गाड़ियों के अंदर कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा वीभत्स हादसा हो सकता था।
सुबह 8 बजे अचानक मची चीख-पुकार, बिल्डर की लापरवाही आई सामने स्थानीय निवासी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यह रूह कपां देने वाली घटना गुरुवार सुबह करीब 8 बजे की है। धंसने वाली कार पुष्पेंद्र की थी, जबकि स्कूटी उनके मकान में रहने वाले किरायेदार अजय अग्रवाल की थी। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुष्पेंद्र ने बिल्डर पर सुरक्षा मानकों को ताक पर रखने और घोर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इतनी विशालकाय 32 मंजिला बिल्डिंग के निर्माण स्थल के चारों तरफ सुरक्षा के लिए सिर्फ टीनशेड की पतली दीवार लगाई गई थी। बारिश को देखते हुए कोई मजबूत कंक्रीट की रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) नहीं बनाई गई थी।
लगातार बारिश और सीपेज के कारण धंसी मिट्टी शुरुआती जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ दिनों से गाजियाबाद में लगातार तेज बारिश हो रही है। निर्माण स्थल पर गहरी खुदाई होने के कारण और सुरक्षा दीवार न होने से सड़क के नीचे पानी का भारी रिसाव (सीपेज) हो रहा था। पानी के इस भराव से सड़क के नीचे की पूरी मिट्टी खोखली हो गई और अचानक वजन न संभाल पाने के कारण पूरी की पूरी सड़क पाताल में धंस गई।
दो घंटे तक चला हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन, क्रेन से खींची गाड़ियां सड़क धंसने और बिजली का पोल जमीन में समाने के बाद निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। हादसे के वक्त मुख्य बिल्डर मौके से नदारद था, जिसके बाद आनन-फानन में वहां मौजूद स्टाफ ने प्राइवेट क्रेन बुलाई। सबसे पहले सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की बिजली सप्लाई को कटवाया गया ताकि करंट फैलने का खतरा न रहे। इसके बाद करीब दो घंटे की भारी मशक्कत और जोखिम भरे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कार, स्कूटी और धंसे हुए बिजली के खंभे को गड्ढे से बाहर निकाला जा सका।
एसीपी इंदिरापुरम बोले- स्थिति पर रखी जा रही है नजर हादसे की सूचना मिलते ही इंदिरापुरम थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धंसे हुए सड़क मार्ग के आसपास बैरिकेडिंग कर दी है ताकि कोई और वाहन या राहगीर इसकी चपेट में न आए। इंदिरापुरम के एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि इस हादसे में कोई जनहानि या चोटिल नहीं हुआ है, जो राहत की बात है। पीड़ित पक्ष की शिकायत और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर जांच की जा रही है और स्थिति पर पूरी नजर बनी हुई है।








