
नीट (NEET) परीक्षा विवाद और हालिया इस्तीफे के बाद पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद भवन पहुंचे. संसद परिसर में एनडीए (NDA) सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए उनका भव्य स्वागत किया. इस दौरान एनडीए सांसदों ने उन्हें सम्मानित करने के लिए शॉल और पारंपरिक मिथिला पाग पहनाई तथा सम्मानपूर्वक संसद भवन के भीतर तक ले गए. गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद के गहराने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.
मकर द्वार पर विपक्ष का हल्लाबोल, नारेबाजी के बाद दोनों सदन स्थगित
दूसरी ओर, देशभर में आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्षी दल पूरी तरह हमलावर दिखे. सुबह 10:30 बजे कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियों ने संसद के मकर द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब की मांग की. संसद सत्र शुरू होते ही दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—में विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा.
संसद में आज पेश होगा ‘सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026’
संसदीय कार्यवाही के बीच सरकार आज प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक पर लगाम कसने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश करेंगे. इस विधेयक के माध्यम से परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रावधान किए जाने की तैयारी है. इस बिल पर होने वाली बहस में एनडीए के 9 प्रमुख सांसद हिस्सा लेंगे और सरकार का पक्ष रखेंगे.














